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दो प्यार करने वालों को जुदा नहीं कर सकता कॉलेज: हाईकोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 July 2018, 9:58 IST

केरल हाई कोर्ट ने एक अनोखे मामले में फैसला सुनाया है. केरल हाई कोर्ट ने राज्य के एक कॉलेज द्वारा दो स्टूडेंट्स को निष्कासित करने के मामले में फैसला सुनाया. केरल राज्य में एक कॉलेज ने अपने दो स्टूडेंट्स को इसलिए निष्कासित कर दिया क्योंकि वो दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे. कॉलेज में पढ़ने वाली एक 20 साल की लड़की और 21 साल के लड़के को सिर्फ इसलिए कॉलेज से निकाल दिया गया क्योंकि वो दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे.

इस मामले में हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि हर व्यक्ति की निजता का सम्मान होना चाहिए. ये व्यक्ति की निजता और स्वतंत्रता के खिलाफ है. साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि कोई भी शिक्षण संस्थान 'नैतिक पाबंदी' नहीं लगा जा सकता.

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28 जून को इस मामले में चली सुनवाई में कोर्ट ने कहा, 'प्यार अंधा होता है और एक सहज मानव वृत्ति है. यह व्यक्तियों और उनकी स्वतंत्रता से जुड़ा है.' आगे कोर्ट ने कहा कि कॉलेज इस बात पर छात्रों पर कोई अनुशासनात्मक कार्यवाई नहीं कर सकता. आगे कोर्ट ने ये भी कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि दो लोगों के व्यक्तिगत संबंध से किसी भी तरह माहौल प्रभावित होता है.

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क्या था मामला

केरल के सीएचएमएम कॉलेज फॉर अडवांस्ड स्टडीज में बीबीए की छात्रा मालविका बाबू और उसके सीनियर व्याशक को 2017 में कॉलेज से निकाला गया था. दोनों छात्रों के संबंध का विरोध उनके परिवार वाले कर रहे थे. विरोध के चलते दोनों ने घर छोड़ दिया. इसके बाद मालविका की मां ने उसके लापता होने की रिपोर्ट लिखाई थी, हालांकि बाद में उसे वापस भी ले लिया गया.

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हाई कोर्ट ने केरल विश्वविद्यालय को दो सप्ताह में मालविका को फिर से पढ़ने की अनुमति देने और कॉलेज को व्याशक के रेकॉर्ड्स वापस करने के निर्देश दिए.

First published: 22 July 2018, 9:58 IST
 
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