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केरल निर्भया केस: लोगों का भड़का गुस्सा, संसद में भी गूंज

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 May 2016, 16:44 IST

केरल के एर्नाकुलम में 30 साल की दलित छात्रा की बलात्कार के बाद हत्या पर राज्य में जबरदस्त आक्रोश मचा हुआ है. छात्रों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं सहित कई संगठनों ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

राजधानी दिल्ली में भी केरल भवन के सामने कई महिला संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस बीच एर्नाकुलम पुलिस ने आज एक संदिग्‍ध का स्‍केच भी जारी किया है. पुलिस ने मंगलवार को तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है.

सीएम ने की परिजनों से मुलाकात

केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम में डेमोक्रेटिक वूमन एसोसिएशन ने सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया और मामले में गुनहगारों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की.

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वहीं लेफ्ट डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने एर्नाकुलम में डिप्टी एसपी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया. 

वामपंथी छात्र संगठन डीवाईएफआई के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच ओमन चांडी ने बुधवार को पेरुम्बवूर पहुंचकर पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने इस अपराध को स्तब्ध कर देने वाला बताया और कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई होगी.

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10 लाख का मुआवजा

सीएम ने पीड़िता के परिजनों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. चांडी ने कहा कि जांच सही दिशा में चल रही है. केरल सरकार ने मृतक के परिजन को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी घोषणा की. 

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इसके साथ ही सीएम ने पीड़िता की बहन को सरकारी नौकरी देने का भी एलान किया. राज्य में चुनावों को लेकर अभी आचार संहिता लागू है, इसलिए इस संबंध में चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी.

गौरतलब है कि 28 अप्रैल को एर्नाकुलम जिले के पेरूम्बवूर में गरीब परिवार की लॉ स्टूडेंट की नृशंस हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि रेप के बाद धारदार हथियार से हमला करके उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. 

हत्या इतने वीभत्स तरीके से की गई की मृतक की आंतें बाहर निकल आई थीं. वहीं इस वारदात के बाद केरल में पिछले तीन दिन से हडकंप मचा हुआ है.

संदिग्ध का स्केच जारी

एर्नाकुलम रेंज के पुलिस महानिरीक्षक महिपाल यादव ने बताया कि गला घोंटने और गला दबाने के संकेत हैं. उसके गले, छाती और कई अन्य अंगों पर 13 जख्म हैं.

कुछ रिपोर्ट में उसके शरीर पर करीब 20 जख्म होने की बात कही गई है. पुलिस ने अब तक इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है. 

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वही केरल राज्य अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग ने इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और पुलिस से 28 मई तक जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने को कहा. 

वहीं केरल मानवाधिकार आयोग ने इस वारदात की जांच अपराध शाखा को सौंपने का आदेश दिया है. केरल में 16 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है.

संसद में उठा मुद्दा


केरल में दलित छात्रा से कथित बलात्कार और हत्या का मामला बुधवार को संसद में भी उठा. बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर केरल सरकार पर जमकर निशाना साधा. बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने इस मामले को लोकसभा में उठाया.

लेखी ने कहा कि ये जघन्यतम अपराध है और ऐसे मामले में दोषी को मौत की सजा मिलनी चाहिए.

वहीं बीजेपी सांसद तरुण विजय ने कहा कि केरल सरकार दलित लड़कियों की हिफाजत करने में नाकाम रही है. विजय के मुताबिक ये निर्भया केस की पुनरावृत्ति है. 

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वहीं, सीपीएम के सीपी नारायणन ने भी मामला उठाते हुए कहा कि पुलिस को निगरानी बढ़ाने की जरूरत है. साथ ही ये देखने की भी जरूरत है कि हमारी माताओं और बहनों को सुरक्षा मिले.

First published: 4 May 2016, 16:44 IST
 
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