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अनूठी मुहिम: रोज तीन किलोमीटर लंबी झील पार करता है अर्जुन

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 June 2016, 17:11 IST
(एजेंसी)

केरल के अलप्पुजा जिले में 14 साल का अर्जुन संतोष रोज सुबह एक सामान्य छात्र की तरह स्कूल यूनीफॉर्म पहनकर और बैग लेकर घर से निकलता है. साथ में वो अपने साथ एक स्विमसूट और तैराकी में इस्तेमाल होने वाला चश्मा भी लेकर चलता है. 

इसके बाद वो स्कूल के रास्‍ते में पड़ने वाली वेमबानाद झील के पास पहुंचता है, जिसे पार करने के लिये सभी बच्‍चे नाव का इंतजार करते हैं, लेकिन अर्जुन झील में कूद जाता है और 3 किलोमीटर तक तैर कर पूतोट्टा स्थित स्‍कूल तक जाता है. पिछले 10 दिनों से अर्जुन संतोष रोजाना इसी तरह अपने स्कूल जा रहा है.

आप सोच रहे होंगे कि संतोष के इस तरह स्कूल जाने के पीछे क्या वजह हो सकती है, लेकिन ये उसकी मजबूरी नहीं, बल्कि विरोध का एक तरीका है.

25 साल से झील पर पुल बनाने की मांग

दरअसल, पेरुम्बलम द्वीप पर स्थित गांव का रहने वाला अर्जुन संतोष पिछले 9 साल से पुतोट्टा स्थित अपने स्कूल तक पहुंचने के लिए केरल जल परिवहन विभाग की नाव का इस्तेमाल करता था. लेकिन कुछ दिनों से वो अपने साथियों के साथ नाव में न जाकर 3 किलोमीटर की झील तैरकर पार करने लगा.

संतोष के गांव पेरुम्बलम पंचायत की जनसंख्या दस हजार से ज्यादा हैं. यहां के लोगों को कई जरूरी काम की वजह से गांव के पास स्थित वेंबानाद झील को पार करके जाना पड़ता है जिसमें करीब डेढ़ घंटे का समय लग जाता है. गांव वाले पिछले 25 सालों से इस झील पर 700 मीटर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे उनका गांव इलाके से जुड़ सके.

संतोष ने बताया, "इस रूट पर सिर्फ दो नाव हैं. जो ठसाठस भर के जाती हैं. ज्यादातर स्कूली छात्रों को तैरना नहीं आता है. इससे स्थिति और भी खतरनाक बन जाती है. इसलिए मैंने विरोध प्रदर्शन का ऐसा तरीका अपनाया."

संतोष ने बताया कि नाव अक्सर देर से पहुंचती है, जिससे उसे स्कूल में देर से आने की सजा झेलनी पड़ती है.

10 दिन के विरोध के बाद जागा प्रशासन

अर्जुन के दस दिन के विरोध के बाद प्रशासन को इसकी बात का पता चला, जिसके बाद स्थानीय विधायक ए.एम आरिफ और कलेक्टर आर गिरिजा ने गांव वालों के साथ मीटिंग करके उन्हें भरोसा दिलाया कि वो पुल बनाने पर विचार करेंगे.

अलप्पुजा कलेक्टर आर गिरिजा ने बताया, "वह अभी बहुत छोटा है और इस मौसम में उसका तैरना खतरनाक है. यदि कुछ भी दुखद होता है, तो हमें उसे न रोकने के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. इसलिए हमने अर्जुन को विरोध खत्म करने के लिए एक नोटिस भेजा है."

फिलहाल अर्जुन ने अपना विरोध खत्म कर दिया है. उसका कहना है कि अगर पुल बनाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वो फिर से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर देगा.

First published: 20 June 2016, 17:11 IST
 
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