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जस्टिस केएम जोसफ मामला: पूर्व CJI टीएस ठाकुर का सरकार पर हमला, कहा- हालात दुर्भाग्यपूर्ण

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2018, 14:24 IST

उन्होंने कहा कि सरकार का ये कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है. इससे लोगों में न्यायपालिका पर विश्वास कम होगा. न्यायपालिका लोकतंत्र का अहम स्तंभ है, यहां ऐसा होगा तो लोगों की न्यायपालिका को लेकर उम्मीदों का क्या होगा.

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गौरतलब है कि 10 जनवरी 2018 को CJI दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच जजों की कोलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा और उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने का सुझाव दिया था. लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने सिर्फ वरिष्ठ वकील इंदू मल्होत्रा के जज बनने को अपनी मंजूरी दी. जिसे लेकर सरकार पर सवाल उठने लगे हैं.

जस्टिस केएम जोसेफ वही जज हैं जिन्‍होंने साल 2016 में उत्‍तराखंड में हरीश रावत की सरकार के दौरान राष्‍ट्रपति शासन लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को अमान्‍य घोषित कर दिया था. जस्टिस जोसेफ ने अपने फैसले में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने के केंद्र सरकार के निर्णय को गलत करार दिया था. जिसके बाद से ही केंद्र की भाजपा सरकार उनसे नाराज बताई जा रही थी. इससे पहले आंध्र प्रदेश में जस्टिस केएम जोसेफ के ट्रांसफर के लिए कोलेजियम की सिफारिश को सरकार ने रद्द कर दिया था.

First published: 27 April 2018, 14:24 IST
 
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