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देश में आग से तबाही की 7 सबसे बड़ी घटनाएं

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST

एक ताजा घटना में ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल में लगी आग में 22 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा घायल हैं. लेकिन देश के इतिहास में आग की ऐसी तमाम घटनाएं हैं जिनमें भारी संख्या में नागरिकों की जानें गईं.

ताजा घटना में माना जा रहा है कि भुवनेश्वर स्थित अस्पताल के डायलिसिस वार्ड में शाम करीब आठ बजे आग लगी और फिस धीरे-धीरे काफी बड़े हिस्से में फैल गई. इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा मरीजों को निकालकर दूसरे अस्पतालों में ले जाना शुरू कर दिया गया लेकिन इस दौरान कई की मौत हो गई. 

इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत तमाम लोगों ने मृतकों की आत्मा की शांति की प्रार्थना के साथ घायलों को सबसे बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दिलाने का भरोसा जताया.

कैच ने भी देश में अब तक हुईं आग की तमाम घटनाओं की जानकारी जुटाई. जानिए देश में अब तक की सबसे बड़ी 7  आग की घटनाओं के बारे में:

1. कोल्लम केरल, अप्रैल 2016: 107 की मौत

बीते 10 अप्रैल को केरल के कोल्लम स्थित पुत्तिंगल मंदिर में भारी तादाद में अवैध रूप से रखी आतिशबाजी में आग लग गई थी. इस घटना में 107 की जान चली गई जबकि 350 लोग घायल हो गए थे. 

2. कोलकाता, दिसंबर 2011: 90 की मौत

दक्षिण कोलकाता स्थित एएमआरआई अस्पताल में 9 दिसंबर 2011 को बड़े अग्निकांड की घटना हुई. इस आग में 90 लोगों की मौत हो गई थी. अस्पताल के बेसमेंट में कई ज्वलनशील चीजें भी पाई गई थीं.

3. मेरठ, उत्तर प्रदेश, अप्रैल 2006: 65 की मौत

10 अप्रैल 2006 को उत्तर प्रदेश के मेरठ के विक्टोरिया पार्क में आयोजित एक कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स फेयर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी. विशालकाय पंडाल के अंदर लगी आग में 65 लोग मारे गए थे जबकि 81 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

4. कुंबाकोणम, तमिलनाडु, जुलाई 2004: 94 बच्चों की मौत

तमिलनाडु के कुंबाकोणम स्थित कृष्णा इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राइमरी सेक्शन की घासफूस से बनी छत में 16 जुलाई 2004 को आग लग गई थी. इस घटना में 94 बच्चों की जलकर मौत हो गई थी. इसके बाद स्कूल के संस्थापक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.

5. उपहार सिनेमा, दिल्ली, 1997: 59 की मौत

दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में 13 जून 1997 को बॉर्डर फिल्म देख रहे दर्शकों की भयावह यादें हैं. सिनेमा हॉल में आग लगने से वहां बैठे 59 दर्शकों की मौत हो गई जबकि 103 गंभीर रूप से घायल हो गए.

6. ओडिशा, फरवरी 1997: 206 की मौत

फरवरी 1997 को बरीपादा, ओडिशा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान लगी आग में 206 लोगों की जान चली गई थी जबकि 148 घायल हो गए थे.

7. डबवाली, हरियाणा, दिसंबर 1995: 442 की जान गई

हरियाणा के डबवाली स्थित एक स्कूल के वार्षिक समारोह में लगाए गए पंडाल में आग लगन से 442 लोगों की मौत हो गई थी. इसमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की थी. आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया. 

(नोटः उपरोक्त आंकड़े विभिन्न स्रोतों से लिए गए हैं.)

First published: 18 October 2016, 2:02 IST
 
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