Home » इंडिया » Know about Swati Singh, the woman in limelight after Dayashankar Singh's controversy
 

मायावती को रक्षात्मक कर देने वाली स्वाति सिंह हैं एमबीए, एलएलबी और एलएलएम

सुधाकर सिंह | Updated on: 25 July 2016, 17:16 IST
(ट्विटर)

यूपी की सियासत में आपत्तिजनक बयानों के बाद घमासान मचा हुआ है. 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ भद्दा बयान दिया. एक दिन के अंदर उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई.

21 जुलाई को लखनऊ में विरोध प्रदर्शन के दौरान बसपा कार्यकर्ताओं ने जब गाली का जवाब गाली से दिया, तो मामले ने नया मोड़ ले लिया. दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह ने मायावती समेत चार बड़े बसपा नेताओं पर केस दर्ज कराया है.

स्वाति सिंह के तीखे तेवर के बाद बीजेपी को भी अब तक पलटी हुई बाजी में एक नई उम्मीद नजर आई, यही वजह थी कि 'बेटी के सम्मान में, भाजपा मैदान में' के नारे के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया. कैच ने स्वाति सिंह के बारे में पड़ताल कर उनके अतीत के बारे में जानने की कोशिश की.

कौन हैं स्वाति सिंह?

मूल रूप से स्वाति सिंह का परिवार पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला है. उनका गांव रामनगर दोआबा है. हालांकि स्वाति के जीवन के शुरुआती दिन बलिया के बजाए बिहार में बीते.

बोकारो जिले (वर्तमान में झारखंड) में एक अगस्त 1978 को उनका जन्म हुआ. स्वाति की मां का नाम आशा सिंह है. झारखंड की औद्योगिक नगरी स्टील सिटी बोकारो की गलियों में स्वाति का बचपन गुजरा. यहीं से उन्होंने शुरुआती पढ़ाई की.

दरअसल स्वाति के पिता वीरेंद्र रघुवंशी स्टील सिटी बोकारो में नौकरी करते थे. वह भारत सरकार के उपक्रम हिंदुस्तान स्टील प्लांट (एचएससीएल) में कार्यरत थे. 

उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए स्वाति ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का रुख किया. लखनऊ यूनिवर्सिटी से स्वाति ने पहले स्नातक और फिर एमबीए, एलएलबी और एलएलएम किया.

लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान दयाशंकर सिंह से उनकी मुलाकात हुई. धीरे-धीरे यूनिवर्सिटी के गलियारों में दोनों के बीच मुलाकातों का दौर बढ़ा और ये लव अफेयर में तब्दील हो गया. छात्र राजनीति में सक्रिय रहे दयाशंकर सिंह ने 1999 में लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ महामंत्री का चुनाव जीता था.

पारिवारिक सहमति के बाद स्वाति सिंह और दयाशंकर सिंह की 18 मई 2001 को शादी हो गई. स्वाति के भाई पुनीत कुमार सिंह लखनऊ में ही रहते हैं और वो निजी कारोबार से जुड़े हुए हैं.

कैच से बातचीत के दौरान पुनीत ने बताया, "स्वाति की राजनीति में  कभी भी कोई दिलचस्पी नहीं थी. कई बार वो पढ़ाई-लिखाई में गरीब बच्चों की मदद के लिए जरूर सहयोग करती रही हैं." 

यही वजह है कि स्वाति ने शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कुछ अरसे के लिए अध्यापन का कार्य भी किया. स्वाति के भाई पुनीत के मुताबिक 2005 से 2009 के दौरान उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट विभाग में संविदा व्याख्याता (एडहॉक) के तौर पर अपनी सेवाएं दीं.

स्वाति सिंह दो बच्चों (एक बेटा-बेटी) की मां हैं. स्वाति ने आरोप लगाया था कि बसपा नेताओं की अभद्र भाषा से उनकी 12 साल की बेटी डरी हुई है. ट्विटर पर हैशटैग 'बेटी के सम्मान में' ट्रेंड करता दिखा. स्वाति की बेटी ने कहा था, "नसीम अंकल, मुझे बताइए कहां आना है आपके पास पेश होने के लिए." बताया जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को इस मामले में फटकार भी लगाई है.   

First published: 25 July 2016, 17:16 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी