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प्रधानमंत्री मोदी के क्यों 'खास' माने जाते हैं घूसकांड में फंसे CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 October 2018, 12:32 IST

सीबीआई में इन दिनों घमासान मचा हुआ है. केंद्र की मोदी सरकार ने टॉप 2 अधिकारियों के बीच शुरू हुई खींचतान के बीच दोनों को छुट्टी पर भेज दिया है. सरकार ने सीबीआई मुखिया आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना दोनों को छुट्टी पर भेजा है. वहीं इसके खिलाफ आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. फिलहाल इस पर अब केंद्र सरकार घिरती नजर आ रही है. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत कई लोगों ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है.

बता दें कि स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ सीबीआई ने छापेमारी की थी. सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के निर्देश पर रिश्वत खोरी के एक कथित आरोप में अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. माना जा रहा था कि मोदी सरकार उन्हें प्रवर्तन निदेशालय का निदेशक बनाने जा रही थी, लेकिन अचानक से सारा खेल बिगड़ गया. अस्थाना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का बहुत ही खास माना जाता रहा है. उन्हें सीबीआई में सबसे ताकतवर अधिकारी के तौर पर माना जाने लगा था.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा था 'पीएम के पसंदीदा, गुजरात कैडर अधिकारी, गोधरा एसआईटी के चर्चित, सीबीआई में नंबर-2 पद पर घुसपैठ करने वाले, अब रिश्वतखोरी कांड में फंस गए हैं. राहुल ने कहा था कि मौजूदा प्रधानमंत्री की कमान में सीबीआई राजनीतिक दुश्मनी निभाने का हथियार बन गई है. यह संस्था लगातार गिरावट की ओर है जो खुद से खुद की लड़ाई लड़ रही है.

बता दें कि 1984 बैच के गुजरात कैडर के IPS अधिकारी अस्थाना पहली बार साल 1996 में चर्चा में आए, जब उन्होंने चारा घोटाला मामले में लालू यादव को गिरफ्तार किया. 

राकेश अस्थाना और पीएम मोदी का कनेक्शन

गुजरात के बहुचर्चित गोधरा कांड के समय जांच के लिए गठित हुई स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का नेतृत्व अस्थाना ने ही किया था और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दंगों की जांच की. इन दंगों में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी पर भी तमाम तरह के आरोप लगे थे. तब मामले की जांच कर रही एसआइटी ने कोर्ट में कहा था कि कारसेवकों से भरी ट्रेन को सुनियोजित तरीके से आग के हवाले किया गया था. इस दौरान अस्थाना पर बीजेपी सरकार के इशारे पर काम करने के आरोप लगा था.

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब राकेश अस्थाना वडोदरा और सूरत जैसे जिलों के पुलिस कमिश्नर भी रहे हैं. माना जाता है कि इस दौरान नरेंद्र मोदी और अमित शाह से उनकी नजदीकी और बढ़ी. यही कारण है कि सीबीआई की कलह सामने आने के बाद अब विपक्ष उन पर हमलावर है. राहुल गांधी ने उन्हें पीएम मोदी का चहेता और उनकी 'नीली आंखों वाला लड़का' तक करार दे दिया है.  

First published: 24 October 2018, 12:25 IST
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