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जानिए क्या हैं वाहनों में इलेक्ट्रिक किट लगाने के सरकारी निर्देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 July 2016, 17:40 IST

वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने वाहनों में हाइब्रिड इलेक्ट्रिक सिस्टम या इलेक्ट्रिक किट लगाने के निर्देश जारी किए हैं. यह नियम केवल उन वाहनों पर ही लागू होंगे जो या तो डीजल पर चलते हैं या गैसोलीन पर और उत्सर्जन के मानकों को पूरा करते हैं.

अपने दिशानिर्देश में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा, "3,500 किलोग्राम से ज्यादा ग्रॉस वजन वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक किट लगाने की अनुमति तभी दी जाएगी जब यह भारत स्टेज 2 या उसके बाद के उत्सर्जन मानकों को पूरा करता हो... इसमें पहले से फिटिंग न लगी हो."

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इन निर्देशों में साफ किया गया है कि इलेक्ट्रिक किट को इनके आपूर्तिकर्ता या फिर निर्माताओं द्वारा आधिकारिक फिटिंग करने वाले केंद्र से ही लगवाना जरूरी होगा. 

इसके लिए सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 में संशोधन किए गए हैं और सेंट्रल मोटर व्हीकल्स (सातवां संशोधन) 2016 जारी किया गया.

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इसके साथ ही यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि केवल पेट्रोल से चलने वाले वाहन का निर्माण 1 जनवरी 1990 या इसके बाद हुआ है तभी उसे इलेक्ट्रिक किट लगाकर बदला जा सकता है, और यह खतरनाक या नुकसानदायक सामान ले जाने वाले वाहनों के लिए लागू नहीं होगा.

इन किटों के निर्माताओं या सप्लायरों को भी यह निर्देश जारी किए गए हैं कि वे निर्धारित परीक्षण केंद्रों से उचित सफल परीक्षण प्रमाणपत्र प्राप्त करेंगे और यह जारी करने की तिथि से तीन साल के लिए मान्य होगा.

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First published: 17 July 2016, 17:40 IST
 
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