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कोटा में दसवें कोचिंग छात्र ने इस साल की खुदकुशी

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 June 2016, 13:53 IST
(कैच न्यूज)

कोटा में आईआईटी की तैयारी कर रहे एक और छात्र की खुदकुशी का मामला सामने आया है. 31 मई को एक और कोचिंग छात्र ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक सवाई माधोपुर जिले का रहने वाला था.

अकेले 2016 में अब तक आईआईटी की कोचिंग कर रहे 10 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं. पुलिस के अनुसार 17 साल का छात्र निर्मल योगी कोचिंग संस्थान में आईआईटी की तैयारी कर रहा था. वह कोटा के महावीर नगर स्थित हॉस्टल में रह रहा था.

मंगलवार सुबह मकान मालिक ने छात्र के कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई आवाज नहीं आने पर खिडक़ी से देखा तो छात्र का शव फंदे से झूलता हुआ मिला. अभी आत्महत्या की वजहों का खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

फिलहाल छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. योगी के मोबाइल और अन्य चीजों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है.

पढ़ें:कोटा में कोचिंग छात्रों की खुदकुशी पर कलेक्टर का 'दर्द'

गौरतलब है कि कोटा में कोचिंग छात्र द्वारा फांसी लगाए जाने का ये मामला नया नहीं है. इससे पहले भी कई छात्र परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के कारण तनाव के चलते अपनी जान दे चुके हैं.

इसी साल 28 अप्रैल को आईआईटी-जेईई की मुख्य परीक्षा पास करने के बाजवूद 17 साल की कृति नाम की एक छात्रा ने अपनी रिहाइशी इमारत की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी.

इस घटना के बाद कोटा के कलेक्टर रवि कुमार सूरपुर ने यहां के कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे डेढ़ लाख से अधिक छात्रों के अभिभावकों को एक भावुक पत्र लिखकर उनसे अपनी आकांक्षाओं को छात्रों पर जबरन नहीं थोपने की अपील की थी.

हाल ही में कोटा में छात्रों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा था कि कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए एक संस्था गठित की जाए.

उन्होंने कहा था कि यहां एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी कर रहे छात्रों के माता-पिता को भी छात्रों के ऊपर दबाव कम करना चाहिए. कल्याण सिंह ने कहा कि कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए यहां एक संस्था बनाई जाए, जो इन संस्थानों में दाखिला प्रक्रिया पर फैसला करे और छात्रों पर दबाब कम करने के लिए उन्हें निर्देश दे.

First published: 1 June 2016, 13:53 IST
 
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