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कृष्णा नदी हादसा: बिना परमिशन चल रही नाव में लोगों को नहीं मिली थी लाइफ जैकेट

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 November 2017, 14:31 IST

आंध्र प्रदेश में नदी में नाव के डूबने से मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 19 हो गई. दो सापता लोगों की तलाश अब भी जारी है. नौका के निजी संचालक द्वारा सीमा से ज्यादा संख्या में लोगों को ले जाने के कारण ये हादसा हुआ. जिस समय ये दर्दनाक हादसा हुआ उस समय नौका में 42 लोग सवार थे. स्थानीय मछुआरों और बचावकर्मियों ने 21 लोगों को बचाया. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया.

कृष्णा जिले के जिलाधिकारी बी. लक्ष्मीकांत ने कहा कि उनमें से चार लोगों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है.
अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ रविवार रात को घटनास्थल पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री एन. चिन्नाराजप्पाने बचाव और राहत कार्यो का जायजा लिया. चिन्नाराजप्पा ने कहा कि ओगोंल वॉकर्स क्लब के 32 सदस्य भी नौका पर सवार थे. उन्होंने हर मृतक के परिवार को आठ लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की.

उन्होंने कहा कि दुर्घटना का कारण नौका में ज्यादा संख्या में लोगों का सवार होना माना जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि निजी कंपनी के पास नौका चलाने की अनुमति नहीं थी. इस घटना में बचे लोगों का कहना है कि पर्यटन विभाग की नौका उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निजी नौका में सवार होना पड़ा. उन्होंने नौका में जीवनरक्षक जैकेट नहीं होने की शिकायत भी की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में नौका पलटने की घटना में मारे गए पर्यटकों की मौत पर सोमवार को संवेदना व्यक्त की. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से ट्वीट कर इस, हादसे पर शोक व्यक्त किया गया. पीएमओ ने ट्वीट कर कहा, "कृष्णा नदी में नौका का पलटने की घटना बहुत ही पीड़ादायक है. मेरी संवेदनाएं इस घटना में मारे गए लोगों के परिवार वालों के साथ हैं. आंध्र प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल बचाव कार्यो में लगे हुए हैं."

गौरतलब है कि रविवार को कृष्णा नदी में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के समीप नाव इब्राहिमपत्तनम फेरी घाट पर शाम लगभग 5.20 बजे पलट गई. ये नाव भवानी द्वीप से पवित्र संगम की ओर लौट रही थी. नाव में सवार अधिकांश पर्यटक ओंगोल शहर के रहने वाले थे. जो पिछले रविवार को पवित्र महीने कार्तिक में कृष्णा और गोदावरी नदियों के पवित्र संगम पर आयोजित 'महाआरती' देखने के लिए भवानी द्वीप से आ रहे थे.

First published: 13 November 2017, 14:31 IST
 
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