Home » इंडिया » LAC : 200 rounds of firing between India and China in Pangong before the meeting of foreign ministers in Moscow
 

मॉस्को में विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले पैंगोंग में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई थी 200 राउंड फायरिंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2020, 8:55 IST

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच 10 सितंबर को मास्को में हुई बैठक से पहले लद्दाख के पैंगोंग त्सो के उत्तरी किनारे पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच फायरिंग हुई थी. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार यह फायरिंग चुशुल सब -सेक्टर में हुई गोलीबारी से कहीं अधिक भीषण थी. रिपोर्ट के अनुसार एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने घटना का विवरण देते हुए कहा कि कि यह घटना झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर्स पर हावी होने के लिए गश्त के दौरान हुई.

अधिकारी के अनुसार फिंगर 3 और फिंगर 4 के तल पर 100 से 200 राउंड फयरिंग हुई. भारत और चीन दोनों ने 7 सितंबर को चुशुल सब-सेक्टर में गोलीबारी की घटना पर बयान जारी किए थे. अधिकारियों ने कहा कि 45 वर्षों में यह पहली बार था कि एलएसी पर फायरिंग हुई. आज तक दोनों पक्षों में से किसी ने भी आधिकारिक तौर पर उत्तरी बैंक पर गोलीबारी का जिक्र नहीं किया है. अधिकारी ने कहा कि तनाव जमीन पर बना हुआ है और दोनों पक्षों के कोर कमांडरों के बीच अगले दौर की बातचीत का इंतजार है, हालांकि तनाव अब उस स्तर का नहीं है जैसा कि सितंबर के पहले सप्ताह में था. सितंबर के पहले सप्ताह में पंगोंग त्सो के उत्तर और दक्षिण दोनों किनारों पर बहुत अधिक हलचल थी.


अधिकारी ने कहा सितंबर के पहले सप्ताह में क्षेत्र में गोलीबारी की कई घटनाएं हुई. अधिकारी ने कहा फिर उत्तरी किनारे में दोनों तरफ से 100-200 राउंड फायर किए गए. रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने बताया कि 29-30 अगस्त की रात के भारतीय सैनिकों ने ऊंची चोटियों से पीएलए को खाली कर दिया और एलएसी की कुछ ऊंचाइयों पर कब्जा किया. चोटियों पर कब्ज़ा करने के बाद भारतीय सेना लाभ वाली स्थिति में गई और चीनी सेना ने लगातार भारतीय सेना को पीछे हटाने की कोशिश की.

रिपोर्ट के अनुसार सितंबर की शुरुआत में पैंगोंग के उत्तरी किनारे पर जब भारतीय सेना अपनी स्थिति बदल रही थी, इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच फायरिंग हुई. पैंगोंग त्सो के दक्षिण तट पर चुशुल सब-क्षेत्र में कई पोस्टों पर भारतीय और चीनी सैनिकों की संख्या 300 से कम है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि भारत लद्दाख में चीन के साथ वर्तमान विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन पड़ोसी देश द्वारा यथास्थिति में एकतरफा बदलाव का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य है.

राजनाथ ने कहा ''चीन ने एलएसी और आंतरिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सेना की बटालियन और सेनाएं जुटाई हैं. पूर्वी लद्दाख, गोगरा, कोंगका ला, पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण में कई फ्रिक्शन पॉइंट हैं. भारतीय सेना ने भी इन क्षेत्रों में जवाब में तैनाती की है. रक्षा मंत्री ने कहा ''चीनी रक्षा मंत्री के साथ बैठक में मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारे सैनिकों ने हमेशा बॉर्डर मैनेजमेंट के लिए एक जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाया था लेकिन साथ ही भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमारे दृढ़ संकल्प के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए''.

चीन ने सीमा पर बड़ी संख्या में फौज इकट्ठा की है- लोकसभा में रक्षा मंत्री ने बताई LAC की स्थिति

 

First published: 16 September 2020, 8:55 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी