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LAC विवाद: गलवान के बाद अब हॉट स्प्रिंग्स सेक्टर में चीन उखाड़ रहा है अपने टेंट

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2020, 9:28 IST

लद्दाख में गलवान घाटी के पेट्रोलियम पॉइंट 14 (PP14) से पीछे हटने के एक दिन बाद भारत और चीन की सेनाओं ने लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स सेक्टर में PP15 और PP17A (गोगरा) पर पीछे हटना शुरू कर दिया है. दोनों सेनाएं वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम करने के लिए आपसी सहमति के बाद ये कदम उठा रही हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार सेना के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि चीन इन दोनों स्थानों पर अपने ढांचे को ध्वस्त कर रहा है और सैनिकों को पीछे हटा रहा है. सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना भी दोनों सेनाओं के बीच जगह बनाने के लिए पीछे हट रही है. इससे दोनों सेनाओं के बीच गलवान में 15 जून जैसा टकराव कम होने की संभावना है.

दोनों पक्षों ने कहा, वह इन जगहों पर 1 किमी से अधिक अपने सैनिकों को पीछे हटाएंगे. सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया 30 जून को चुशुल बॉर्डर पॉइंट पर हुई दोनों देशों के कोर कमांडरों की बातचीत के अनुरूप है. सेना सूत्रों का कहना है कि वर्तमान कदम दोनों सेनाओं की आपसी सहमति से उठाया गया है. डिस-एंगेजमेंट और डी-एस्केलेशन के सभी चरणों के पूरा होने के बाद पैट्रोलिंग शुरू होगी. रिपोर्ट के अनुसार सेना के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा "यह एक स्थायी समझौता नहीं है और भारत ने LAC पर गश्त करने के अपने अधिकारों को कम नहीं किया है".


सूत्रों ने कहा कि चीनी सैनिकों के पीपीपी 15 से पूरी तरह से अपने ढांचे और तंबू के साथ बुधवार तक वापस चले जाने की उम्मीद है, जबकि उन्हें पीपी 17 ए को खाली करने में दो-तीन दिन लग सकते हैं. भारत के सभी पैट्रोलिंग पॉइंट LAC से ठीक पहले स्थित हैं. जबकि भारतीय सैनिक भी पीछे हटे हैं.

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हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार गालवान घाटी से पीएलए पुलबैक की पुष्टि करने के लिए मंगलवार को उपग्रह चित्र दिखाई दिए. इमेज को स्पष्ट रूप से संकेत मिलता है कि पीएलए गालवान घाटी में वापस चली गई है. यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन निरंतर सत्यापन और सख्त सतर्कता जरूरी है.

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First published: 8 July 2020, 9:10 IST
 
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