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लालू के ऐतराज के बावजूद AIIMS से छुट्टी, पत्र लिखकर कहा था- मैं ठीक नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 April 2018, 15:19 IST

चारा घोटाले में जेल की सजा काट रहे लालू यादव का दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था. अब एम्स से उन्हें छुट्टी दे दी गई है. इसे लेकर लालू यादव ने एम्स के निदेशक को चिट्ठी लिखकर नाराजगी जताई थी.

लालू यादव ने पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें अभी डिस्चार्ज नहीं किया जाए. लालू प्रसाद यादव ने एम्स के निदेशक को पत्र लिखकर कहा था कि वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए हैं, इसलिए उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया जाए. उन्होंने निदेशक से कहा था कि अगर मुझे कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार आप होंगे.

यादव की तरफ पत्र में लिखा गया था, "मुझे बताया गया है कि अस्पताल से छुट्टी करने की कार्रवाई हो रही है. मुझे यहां अच्छे इलाज के लिए लाया गया था. मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं हृदयरोग, किडनी इंफेक्शन, शुगर एवं कई अन्य बीमारियों से ग्रसित हूं. कमर में दर्द है और बार-बार चक्कर आ रहा है, मैं कई बार बाथरूम में गिर भी गया हूं. मेरा रक्तचाप और शुगर भी बीच में बढ़ जाता है."

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उन्होंने आगे लिखा था, "मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि रांची मेडिकल कॉलेज में समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है. हर नागरिक का यह संवैधानिक अधिकार है कि उसका समुचित इलाज उसकी संतुष्टि के अनुसार हो. न जाने किस एजेंसी और राजनीतिक दबाव में मुझे यहां से हटाने का निर्णय लिया जा रहा है."
 
लालू ने कहा था, "जब तक मैं पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक मुझे यहीं रखकर मेरा इलाज किया जाए. अगर मुझे रांची मेडिकल अस्पताल भेजा जाता है और इससे मेरे जीवन पर कोई खतरा पैदा होता है तो इसकी जवाबदेही आप सब पर होगी."

लालू ने लिखा था, "जब तक मैं पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक मुझे यहीं रखकर मेरा इलाज किया जाए. अगर मुझे रांची मेडिकल अस्पताल भेजा जाता है और इससे मेरे जीवन पर कोई खतरा पैदा होता है तो इसकी जवाबदेही आप सब पर होगी."'

एम्स के इस निर्णय को लेकर लालू के बेटे और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि एम्स का यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है. उन्होंने कहा कि एम्स बहुत बेहतर है और मुझे आश्चर्य है कि यह निर्णय क्यों लिया गया है. उन्होंने कहा कि केवल एम्स प्राधिकरण लालूजी के अचानक हस्तांतरण का कारण बता सकते है.

First published: 30 April 2018, 15:07 IST
 
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