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राज्य और लोकसभा चुनाव एकसाथ कराने के समर्थन में लॉ कमीशन, मांगे सुझाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2018, 8:20 IST

लॉ कमिशन का मानना है कि लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं. आयोग का कहना है कि 2019 में शुरू चुनाव दो चरणों में कराये जा सकते हैं. लेकिन इसके लिए संविधान के न्यूनतम दो प्रावधानों का संशोधन जरूरी है और उसी के साथ उसकी बहुसंख्यक राज्यों की ओर से पुष्टि होनी भी जरुरी है.

आयोग ने एक साथ चुनाव कराने को लेकर अपने कार्यपत्र को मंगलवार को सार्वजनिक किया. विधि आयोग ने कहा कि जनप्रतिनिधि कानून के कुछ प्रावधानों का संसद में सामान्य बहुमत से संशोधन भी करना होगा.

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इस मुद्दे पर मांगे विचार
आयोग ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले संवैधानिक विशेषज्ञों, राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों के विचार मांगे हैं. इस संबंध में वे 8 मई तक अपने सुझाव आयोग को दे सकते हैं.

कार्यपत्र के अनुसार साथ-साथ चुनाव कराने का दूसरा चरण 2024 में हो सकता है. इसमें कहा गया है कि बहुसंख्यक पार्टी के नेता को सदन (लोकसभा या राज्य विधानसभा द्वारा) प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री चुना जाए जिससे सरकार के साथ ही लोकसभा या विधानसभा की स्थिरता सुनिश्चित हो.

 

कार्यपत्र में कदम को प्रभावी बनाने के लिए राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को विस्तारित करने के लिए संविधान लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल से संबंधित अनुच्छेद 83 (2) और 172 (1) और जनप्रतिनिधि कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है.

इसमें सुझाव दिया गया है कि यदि कोई सरकार बीच में गिर जाती है तो नयी सरकार का कार्यकाल बाकी समय के लिए होगा और नये पांच वर्ष के लिए नहीं. इस मामले में आयोग 8 मई तक सभी सुझावों पर विचार करने के बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप देगा.

First published: 18 April 2018, 8:05 IST
 
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