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नए जजों की भर्ती: चीफ जस्टिस की मांग कानून मंत्री ने की खारिज

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 May 2016, 14:24 IST
(एजेंसी)

केंद्रीय कानून मंत्री वी सदानंद गौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर के द्वारा देश में विचाराधीन तीन करोड़ से ज्यादा केसों के लिए 40,000 जजों की जरूरत को खारिज कर दिया है.

गौड़ा ने कहा कि सीजेआई ठाकुर के बयान का आधार कोई साइंटिफिक रिसर्च या डाटा पर आधारित नहीं है. गौरतलब है कि 24 अप्रैल को सीजेआई ठाकुर ने मोदी सरकार से अपनी अपील में कहा था कि न्‍यायपालिका में जजों की कमी से जल्‍द से जल्‍द निपटा जाए.

ठाकुर ने यह भी कहा था कि सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ जैसे बड़े अभियानों की कामयाबी के लिए ऐसा होना जरूरी है. जस्‍टिस ठाकुर ने जब ये बातें कहीं थीं, तो उस वक्‍त कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री भी मौजूद थे. सीजेआई के मुताबिक याचिकाओं की बाढ़ से निपटने के लिए देश में कम से कम 40 हजार जजों की जरूरत है.

अंग्रेजी अखबार 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' में छपी खबर के मुताबिक सीजेआई की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कानून मंत्री वी सदानंद गौड़ा ने कहा कि कमीशन की रिपोर्ट सिर्फ विशेषज्ञों की राय पर आधारित थी.

गौड़ा के मुताबिक 'लॉ कमीशन की रिपोर्ट विशेषज्ञों और आम लोगों की राय पर थी. अभी तक कोई साइंटिफिक डाटा नहीं उपलब्ध है, इसलिए हम इस पर ज्यादा नहीं बोल सकते.

कानून मंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात में हमारे पास ट्रायल कोर्ट में 20502 जज, हाईकोर्ट में 1065 जज और सुप्रीम कोर्ट में 31 जजों को मिलाकर कुल 21,598 जज हैं.

वी सदानंद गौड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चार जजों की नियुक्ति के लिए नामों पर 6 दिनों में फैसला ले लिया था. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में 170 जजों की नियुक्ति के लिए नामों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और ये नाम भी जल्द ही साफ हो जाएंगे.

First published: 26 May 2016, 14:24 IST
 
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