Home » इंडिया » Law minister Ravi shankar prasad says not avenging justice k m joseph of uttarakhand order
 

कानून मंत्री ने दी सफाई- जस्टिस जोसेफ की नियुक्ति का उत्तराखंड मामले से कोई लेना-देना नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 May 2018, 10:11 IST

10 जनवरी 2018 को CJI दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच जजों की कोलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा और उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने का सुझाव दिया था. लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने सिर्फ वरिष्ठ वकील इंदू मल्होत्रा के जज बनने को अपनी मंजूरी दी. जिसे लेकर सरकार पर सवाल उठे हैं. 

इसे लेकर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपनी सफाई पेश दी है. रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि हमने बदले की भावना से जस्टिस जोसेफ की नियुक्ति नहीं रोकी है. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन को रद्द करने के आदेश से कुछ लेना देना नहींं है.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बात से इंकार किया है कि जस्टिस के.एम. जोसेफ की फाइल सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम के पास पुनर्विचार के लिए भेजने की केंद्र सरकार की कार्रवाई में उनके द्वारा उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन को रद्द करने के आदेश से कुछ लेना देना है.

जस्टिस जोसेफ की नियुक्ति को रोकने के सवालों पर प्रसाद ने कहा कि सरकार के खिलाफ 'प्रायोजित आरोप' लगाए जा रहे हैं. कांग्रेस सरकार पर फर्जी आरोप लगा रही है कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन संबंधी जोसेफ के फैसले को लेकर उनकी नियुक्ति को रोका गया. प्रसाद ने कहा, वह पूरे अधिकार के साथ इस बात से इंकार करते हैं कि इसका जस्टिस जोसेफ के फैसले से कोई लेना-देना है.

पढ़ें- जस्टिस केएम जोसफ मामला: पूर्व CJI टीएस ठाकुर का सरकार पर हमला, कहा- हालात दुर्भाग्यपूर्ण

उन्होंने कहा कि अपने रुख का समर्थन करने के लिए उनके पास दो स्पष्ट कारण हैं. एक यह कि उत्तराखंड में तीन-चौथाई बहुमत से बीजेपी की अगुवाई में सरकार बनी है. दूसरा यह कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जे. एस. खेहर ने आदेश की पुष्टि की थी. न्यायमूर्ति खेहर ने ही सरकार की राष्ट्रीय न्यायिक आयोग की पहल खारिज कर दी थी.

दरअसल, उत्तराखंड में साल 2016 में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री हरीश रावत की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार को बर्खास्त कर केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को जस्टिस जोसेफ की अध्यक्षता वाली पीठ ने निरस्त कर दिया था. इस मामले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की खूब किरकिरी हुई थी.

First published: 3 May 2018, 10:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी