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कानून मंत्री: मुस्लिम युवकों को आतंकी मामलों में फंसाना चिंता का विषय

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(पीटीआई)

केंद्रीय कानून मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने मंगलवार को मुसलमानों को आतंकवाद के झूठे मामलों में फंसाने पर चिंता जाहिर की. गौड़ा ने एक कार्यक्रम में कहा कि मुस्लिम युवाओं को झूठे आतंकवाद के केस में फंसाए जाने की वजह से वह चिंता में हैं.

गौड़ा ने इस दौरान कहा कि पहले उन बेकसूरों को फंसाया जाता है और बाद में सबूत के अभाव में उन्हें रिहा कर दिया जाता है. केंद्रीय कानून मंत्री गौड़ा ने यह बातेें अलीगढ़ में मोदी सरकार के दो साल पूरा करने पर मनाए जा रहे 'विकास पर्व' में कही.

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कानून मंत्री ने कहा, "झूठे आरोपों की जद में आने वाले समुदाय विशेष की रक्षा करने के लिए कानूनी संशोधनों पर विचार हो रहा है और इसको बदलने पर विचार किया जा रहा है."

डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा, "आतंकवाद के झूठे आरोपों में बेकसूर मुस्लिम युवाओं को गिरफ्तार करना हमारे लिए बड़ी चिंता का विषय है. हम इस संदर्भ में कानून को बदलने की सोच रहे हैं."  

इसके लिए कानून आयोग इस संदर्भ में चलने वाली कानूनी प्रक्रिया में बदलाव के लिए रिपोर्ट तैयार कर रहा है. यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जज के दिशा-निर्देशन में तैयार की जा रही है.

गौरतलब है कि बीते दिनों केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि सरकार आतंकी घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस द्वारा सभी संदिग्धों पर आरोप लगाने के बजाय अधिक संवेदनशील तरीके अपनाए जाने के पक्ष में है.

हाल ही में दिल्ली से जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने के आरोप में 10 युवकों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इनमें से सात को पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया था. वहीं तीन युवक अभी न्यायिक हिरासत में हैं.

दो दिन पहले ही बाबरी मस्जिद गिराए जाने की पहली बरसी पर हुए बम धमाकों के आरोपी निसारुद्दीन अहमद को जेल में 23 साल गुजारने के बाद रिहा किया गया है.

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First published: 1 June 2016, 11:43 IST
 
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