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केरल में फिर लहराया लाल परचम, बीजेपी ने रचा इतिहास

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 May 2016, 12:36 IST

अपने गठन के छह महीने के अंदर केरल ने देश को पहली गैर-कांग्रेसी राज्य सरकार दी थी. एक नवंबर 1956 को केरल राज्य का गठन हुआ. 5 अप्रैल 1957 को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के ईएस नंबूदरीबपाद ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.

मौजूदा चुनाव के नतीजों के बाद ये साफ हो गया है कि राज्य में दसवीं बार वामपंथी मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण करेगा. राज्य में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से वाम दलों और कांग्रेस की पारापारी से सरकार बनती रही  है.

गुरुवार को आए चुनाव परिणाम के अनुसार लेफ्ट गठबंधन (एलडीएफ) को राज्य की कुल 140 में से 91 सीटों पर जीत मिली है. कांग्रेस गठबंधन (यूडीएफ) को 47 सीटों पर विजय मिली है.

जीत मिलने के बाद सीपीआई (एम) के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येुचरी ने कहा कि जनता ने यूडीएफ के पांच सालों के भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ जनमत दिया है.

केरल में लेफ्ट गठबंधन को 91 सीटों पर और सताधारी कांग्रेस गठबंधन को 47 पर जीत मिली

बीजेपी ने पहली बार केरल में कोई सीट जीती है. राज्य में एक सीट अन्य को मिली है.

एलडीएफ में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जनता दल (सेकुलर), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, केरल कांग्रेस (थामस), भारतीय कांग्रेस (समाजवादी) और इंडियन नेशनल लीग शामिल हैं.

यूडीएफ में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (जैकब), आरएसपी और जनता दल (यूनाइटेड) शामिल हैं. वहीं बीजेपी भारत धर्मा जना सेना (बीडीजेएस) के साथ गठबंधन किया था.

अगला सीएम कौन होगा?


92 वर्षीय पूर्व सीएम वीएस अच्युतानंदन के हाथ में एलडीएफ के चुनाव प्रचार की कमान थी. उन्होंने पूरे राज्य में धुआंधार रैलियां कीं. उनकी चुनावी रैलियों में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई.

वहीं सीपीएम पोलित ब्यूरो के सदस्य 72 वर्षीय पिन्नारायी विजयन का भी पार्टी और संगठन में काफी दबदबा है.

राज्य की राजनीति में दोनों नेताओं को प्रतिद्वंद्विता अतीत में खुल कर सामने आ चुकी है. ऐसे में राज्य का अगला सीएम कौन होगा इस पर भी विवाद हो सकता है.

केरल में पहली बार बीजेपी ने जीती कोई सीट, सात सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर

कांग्रेस नेता और वर्तमान सीएम ओमन चांडी ने नतीजों के रुझान सामने आने के बाद कहा कि उन्हें ऐसे परिणाम की उम्मीद नहीं थी. कांग्रेस के लिए एकमात्र सकारात्मक बात ये रही कि उसके कई युवा नेताओं को मौजूदा चुनाव में जीत मिली है.

बीजेपी की खुशी


बीजेपी ने इस चुनाव में भले ही एक सीट जीती हो लेकिन वो केरल में वाम और कांग्रेस के गढ़ में सेंध मारकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है.

बीजेपी ने न केवल पहली बार राज्य में संसद या विधान सभा सीट जीतने में सफलता हासिल की है बल्कि सात दूसरी सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर रही है.

चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि बीजेपी का केरल में वोट प्रतिशत बढ़ा है.

First published: 20 May 2016, 12:36 IST
 
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