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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में वामपंथी छात्र संगठनों ने किया क्लीन स्वीप

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 September 2016, 7:34 IST

जेएनयू छात्रसंघ के चुनाव में इस बार भी वामपंथी छात्र संगठनों के गठबंधन ने परचम लहराया है. सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर वामपंथी गठबंधन कब्जा किया है. अध्यक्ष पद पर आइसा के मोहित पांडे ने जीत दर्ज की है, जबकि अमल पीपी उपाध्यक्ष पद पर जीतने में सफल रहे हैं.

शनिवार रात घोषित नतीजों के मुताबिक अध्यक्ष पद पर मोहित कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष पद पर अमल पीपी, तबरेज हसन संयुक्त सचिव और शतरुपा चक्रवर्ती को महासचिव पद पर जीत मिली है.

आम तौर पर आइसा और एएफआई अलग-अलग चुनाव लड़ते आए हैं लेकिन इस बार इन दोनों छात्र संगठनों के बीच गठबंधन हुआ था. इस बार के छात्र संघ चुनाव में रिकॉर्ड 59 प्रतिशत मतदान हुआ था, जोकि पिछले साल की तुलना में छह फीसदी अधिक रहा. वाम गठबंधन की बड़ी जीत पर जेएनयू में सारी रात जश्न का माहौल रहा.

नतीजों की सबसे खास बात यह रही कि आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी को इस बार एक भी सीट हासिल नहीं हुई. पिछले चुनाव में 14 साल बाद एबीवीपी का खाता खुला था और महासचिव पद उसने जीता था.

जेएनयू छात्रसंघ के मौजूदा अध्यक्ष रहे कन्हैया कुमार के संगठन एआईएसएफ ने इस बार चुनाव में हिस्सा नहीं लिया.

बाप्सा का शानदार आगाज

इस बार के चुनाव में खास बात रही बाप्सा नाम के एक नए छात्र संगठन का शानदार प्रदर्शन. बिरसा-आबंडेकर-फूले स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन (बाप्सा) के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार राहुल सोमपिम्पले ने वोटों की गिनती के दौरान वाम उम्मीदवार मोहित पाण्डे को आखिरी वक्त कड़ी टक्कर दी. उन्हें 409 वोटों से हार का सामना करना पड़ा.

बाप्सा के बाकी उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. बाप्सा ख़ासकर दलितों, आंबेडकरवादियों और मुस्लिम मतदाताओं का एक गठबंधन है. यह छात्र संगठन महज दो साल पुराना है, इस लिहाज़ से उनका प्रदर्शन काफ़ी शानदार रहा.

First published: 11 September 2016, 7:34 IST
 
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