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जस्टिस चेलमेश्वर बोले- राम मंदिर बनाने के लिए कानून ला सकती है सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 November 2018, 9:34 IST

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस चेलमेश्वर का कहना है कि राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बाद भी सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बना सकती है. जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि अदालत के फैसलों में पहले भी विधायी प्रक्रिया से अवरोध डाले जाते रहे हैं.

गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर को लेकर आरएसएस लगातार कानून लाने की मांग करता रहा है. जस्टिस चेलमेश्वर ने यह टिप्पणी कांग्रेस पार्टी से जुड़े संगठन ऑल इंडिया प्रफेशनल्स कांग्रेस (एआईपीसी) के एक कार्यक्रम में की. इस कार्यक्रम के दौरान जब जस्टिस चेलमेश्वर से पूछा गया कि उच्चतम न्यायालय में मामला लंबित रहने के दौरान क्या संसद राम मंदिर के लिए कानून पारित कर सकती है, इस पर उन्होंने जवाब दिया कि ऐसा हो सकता है.

उन्होंने कहा, 'यह एक पहलू है कि कानूनी तौर पर यह हो सकता है (या नहीं). दूसरा यह है कि यह होगा (या नहीं) मुझे कुछ ऐसे मामले पता हैं जो पहले हो चुके हैं, जिनमें विधायी प्रक्रिया ने उच्चतम न्यायालय के निर्णयों में अवरोध पैदा किया था.'

इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला टाल दिया था. इसके लिए अब जनवरी 2019 में फैसला आएगा, वहीं आरएसएस ने मोदी सरकार को सलाह दी है कि जमीन अधिग्रहण कर राम मंदिर का निर्माण शुरू किया जाय. आरएसएस कार्यकारिणी की तीन दिनों की मुंबई के भायंदर में बैठक में यह बात कही गई.

आरएसएस की यह बैठक भायंदर में केशव श्रुति में शुरू हुई. बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद हैं. इस बैठक में संघ प्रचारक डॉ.मनमोहन वैद्य ने कहा कि अब सरकार को चाहिए कि राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण कर काम शुरू कर देना चाहिए.

मनमोहन वैद्य ने कहा कि भूमि अधिग्रहण का काम कर राम मंदिर का निर्माण करना चाहइे और राष्ट्र के गौरव को बहाल करना चाहिए. वैद्य ने कहा राम मंदिर का मामला हिंदू बनाम मुस्लिम या मंदिर बनाम मस्जिद के बारे में नहीं है. उन्होंने कहा कि अदालत ने पहले ही कह दिया है कि नमाज के लिए मस्जिद अनिवार्य नहीं है. वे खुली जगह पर भी नमाज पढ़ सकते हैं. 

First published: 3 November 2018, 9:31 IST
 
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