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LoC अटैक: शहीद जवान की बेटी ने कहा- बलिदान के बदले चाहिए 50 सिर

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 May 2017, 16:52 IST
(ट्विटर)

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास कृष्णा घाटी सेक्टर में शहीद हुए बीएसएफ जवान प्रेम सागर की बेटी ने मांग की है कि एक सिर के बदले पाकिस्तान के 50 जवानों के सिर चाहिए. भारतीय सेना के मुताबिक पाकिस्तानी सेना की कवर फायरिंग की आड़ में एलओसी के अंदर घुसकर पाकिस्तानी सेना की बैट टीम ने दो भारतीय जवान नायब सूबेदार परमजीत सिंह और हेड कांस्टेबल प्रेम सागर का शव क्षत-विक्षत कर दिया. 

इसके बाद से नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बीच शहीद हेड कांस्टेबल प्रेम सागर और नायब सूबेदार परमजीत सिंह का पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. शहीद प्रेम सागर देवरिया के रहने वाले थे. बेटी सरोज का कहना है, "मुझे अपने पिता के बलिदान के बदले में पाकिस्तान के 50 जवानों के सिर चाहिए." 

देवरिया के थे हेड कांस्टेबल प्रेम सागर

बीएसएफ जवान प्रेम सागर के भाई ने कहा, "मेरा भाई शहीद हुआ है, हमें इस बात पर गर्व है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करना चाहूंगा, कि जैसे पाकिस्तान हमारे जवानों के साथ करता है वैसे ही हम भी उनके साथ करें."

50 साल के प्रेम सागर ने सोमवार सुबह ही अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी. इस दौरान उन्होंने प्रेमसागर की तबीयत के बारे में पूछा था. देर रात पता चला कि प्रेम सागर शहीद हो गए हैं.

शहीद परमजीत सिंह की बेटी को गर्व 

पुंछ जिले में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में शहीद होने वाले दो जवानों में नायब सूबेदार परमजीत सिंह भी शामिल थे. उनकी बेटी सिमरनदीप ने कहा, "मेरे पिता देश के लिए शहीद हो गए. मुझे उन पर गर्व है." परमजीत सिंह 28 अप्रैल को छुट्टी लेकर घर आने वाले थे, लेकिन उन्होंने अपनी छुट्टी मई के दूसरे हफ्ते तक के लिए टाल दी, क्योंकि उनके दोस्त को तुरंत छुट्टी चाहिए थी.

परमजीत सिंह के पार्थिव शरीर का मंगलवार को तरनतारन जिले के वेनपोइन गांव में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ. इस दौरान लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. इससे पहले सैन्य मुख्यालय पर दोनों शहीद जवानों को अंतिम सलामी दी गई. इस बीच भारत के डीजीएमओ और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच एलओसी पर हमले के बाद बातचीत हुई है.

First published: 2 May 2017, 16:52 IST
 
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