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कश्मीर पर लोकसभा में प्रस्ताव पास, पीएम मोदी के साथ सर्वदलीय बैठक

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:48 IST
(पीएमओ ट्विटर)

जम्मू-कश्मीर के हालात पर संसद ने गहरी चिंता जताई है. कश्मीर घाटी में 35 दिन से कर्फ्यू लगा है. लोकसभा में सभी राजनीतिक पार्टियों ने राज्य के हालात पर चिंता जताई है.

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कश्मीर पर प्रस्ताव भी पास किया गया. इसमें कहा गया कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को लेकर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा. वहीं पीएम मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हो रही है.

सर्वदलीय बैठक में हालात पर मंथन

बैठक में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद के साथ ही केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज के साथ ही जितेंद्र सिंह शामिल हुए.

इस दौरान कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से जारी हिंसा और कर्फ्यू को लेकर चिंता जताई गई.

संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

इस बीच प्रस्ताव पारित होने के बाद राज्यसभा और लोकसभा दोनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

इससे पहले विपक्ष ने कश्मीर के मुद्दे पर संसद में प्रधानमंत्री से बयान देने की मांग की गई थी. इसके बाद ही सर्वदलीय बैठक बुलाई गई.

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर में आईएसआईएस के झंडे लहराए जाने और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने की घटनाओं पर गहरी आपत्ति जताते हुए राज्य के युवाओं से कहा, "भारत की धरती पर यह नहीं चलेगा."

प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग

सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस सहित कुछ दलों के सदस्यों द्वारा जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल भेजकर बातचीत करने के सुझाव पर गृहमंत्री ने कहा था कि बातचीत की प्रक्रिया जारी है.

गृहमंत्री का कहना है कि उन्होंने 23-24 जुलाई को श्रीनगर और अनंतनाग में जाकर कई प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की थी.

उन्होंने कहा कि जहां तक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल को राज्य में भेजकर वहां चर्चा कराये जाने की बात है, उसके लिए जमीनी स्तर पर तैयारी करनी पड़ेगी.

आठ जुलाई से अशांत घाटी

आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से कश्मीर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. 35 दिनों से घाटी के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा हुआ है.

सरकार के मुताबिक वानी के मारे जाने के बाद घाटी में 1,018 विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें सात अगस्त तक 45 नागरिक और दो सुरक्षाकर्मी मारे गए. हालांकि अब तक मरने वालों की तादाद 55 के करीब बताई जा रही है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक घायल सुरक्षाकर्मियों की संख्या 4,515 और घायल नागरिकों की संख्या 3,356 है.

First published: 12 August 2016, 1:48 IST
 
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