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सीताराम येचुरी ने उठाए सवाल- क्या हिंदू हिंसक नहीं हो सकते?

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 May 2019, 10:09 IST

लोकसभा चुनाव में नेताओं के बयानों की बौछार लगी हुई है. अपनी गलत टिप्पणियों के कारण कई नेता चुनाव आयोग के चपेटे में आ चुके हैं, फिर भी इन नेताओं की बयानबाजी कम नहीं होती. इसी कड़ी में हाल ही में सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी का बड़ा बयान सामने आया. उन्होंने अपने बयान में लोगों से सवाल किया है कि "क्या हिंदू हिंसक नहीं है का दावा सही है?"

सीताराम येचुरी ने अपने बयान में कहा कि हिन्दूओं के रामायण और महाभारत हिंसा से भरे हुए हैं. इसे एक प्रचारक के तौर हिन्दू महाकाव्य के रूप में पेश करते हैं. इसके बाद भी लोग दावा करते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं है.

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मालूम हो कि इस बार के लोकसभा चुनाव प्रचार में हिंदू और हिंदुत्व से जुड़े कई ऐसे बयान सामने आ चुके हैं. अपने ऐसे बयान की वजह के कई लोग विवाद में घिर चुके हैं.


हिंदू मुद्दे पर जारी है विवाद

बता दें कि इस बयान से पहले जब मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा को भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल से अपना प्रत्याशी बनाया, तब से हिन्दू आतंकवाद पर लेकर जमकर चर्चाएं हो रही हैं. इसी कड़ी में पीएम मोदी और अमित शाह कई चुनाव प्रचार में ये कहते हुए नजर आ रहे हैं कि "हिंदू आतंकवाद के नाम पर हिंदुओं को बदनाम करती रही है, साध्वी प्रज्ञा उसी के खिलाफ हमारा जवाब है."

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मुस्लिम वोटे के लिए भी बयानबाजी की भरमार

बता दें कि इस बार के चुनाव प्रचार में सिर्फ हिन्दू शब्द का इस्तेमाल ही नहीं, बल्कि मुस्लिम वोट को पाने के लिए नेताओं नें मुस्लिम के मुद्दों को भी जमकर उछाला है. इसी कड़ी में बहुजन समाजवादी की सुप्रीमों और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देवबंद की एक रैली में मुस्लिम वोटर्स से अपील की थी कि वे एकजुट होकर वोट करें. मायावती के इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन करार देते हुए मायावती पर 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी थी.

First published: 3 May 2019, 10:09 IST
 
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