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अलका लांबा और सौरभ भारद्वाज के बीच ट्विटर पर छिड़ी जंग, बोले- थूक कर चाटने...

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 April 2019, 10:10 IST

राजनीतिक पार्टियों के बीच एक-दूसरे को निशाना साधना कोई बड़ी बात नही है. ज्यादातर विपक्षी पार्टियां एक-दूसरे पर बयानबाजी करते नजर आते रहते हैं. विपक्षी पार्टियों के बीच बयानबाजी कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन एक ही पार्टी के विधायकों के बीच सोशल मीडिया पर जंग छिड़ना एक अलग विषय है.

जी, हां दिल्ली में सत्ताधारी पार्टी आम आदमी पार्टी के दो विधायक आपस में भिड़ गए. इन दोनों सोशल मीडिया पर ट्वीट के जरिए एक-दूसरे पर बयानबाजी जारी है. दोनों एक दूसरे पर कई घंटों तक आपसी जुबानी जंग चलते रहे.


आप के दोनों नेताओं के बीच जंग की शुरुआत कांग्रेस की ओर से जारी घोषणापत्र के बाद हुई. कांग्रेस द्वारा जारी घोषणा पत्र पर अलका लांबा ने अपनी प्रक्रिया व्यक्त करते हुए दिल्ली को पूर्ण राज्य राज्या का दर्जा देने की मांग पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया.

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "हर पार्टी का अपना घोषणा पत्र होता है, काँग्रेस के घोषणा पत्र में #पॉन्डिचेरी को तो पूर्ण राज्य देने की बात है,पर #दिल्ली को लेकर कोई बात नही है,साफ है कि काँग्रेस के लिये अब"दिल्ली-पूर्ण राज्य"मुद्दा नही रहा. वहीं आप इसी मुद्दों को अपना प्रमुख मुद्दा बना रही है#गठबंधन कैसे होगा?"

अलका लांबा के इस सवाल पर आप के विधायक ने रिट्वीट करते हुए लिखा, "आप क्या चाहती हैं ? पूर्ण राज्य या ....."

सौरभ भारद्वाज के इस ट्वीट के बाद लांबा ने फिर ट्वीट कर लिखा, "मेरे चाहने ना चाहने से क्या फ़र्क पड़ता है.... वैसे भी यह पूछने का समय अब निकल चुका है... अब तो दिल्ली की जनता ही तय करेगी." लांबा के इस प्रतिक्रिया पर सौरभ भारद्वाज ने फिर ट्विट कर लिखा, "जनता को पता होना चाहिए उनका नेता क्या चाहता है , तभी तो जनता अपने नेता के बारे में तय करेगी."

सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी लांबा ने फिर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कहा, "मेरी जनता मुझे बखूबी जानती है, 2020 आने पर पूरे 5 साल का जवाब-हिसाब और क्या सोचती हूं सब बता दूंगी, दूसरी बात मैं आप से उलट सोचती हूं, जनता से अधिक नेता को पता होना चाहिए कि उसकी जनता क्या सोचती और चाहती है, नेता को वही करना चाहिए, ना कि जनता पर अपनी थोपनी चाहिए."

लांबा के बीच कई घंटों तक बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई की सौरभ भारद्वाज ने अलका लांबा से ये तक कह दिया कि "चलो फिर थोड़ा सा हिम्मत दिखाओ, कल चले जाओ कांग्रेस में. है दम?"

सौरभ के इस ट्विट पर अलका ने कहा, "छोटे भाई, धोखा मत दो बड़ी बहन को, यह आदत अब बदल लो, वचन दिया है, अब कल 3 बजे, जामा मस्जिद गेट नंबर 1 पर पहुंच जाना. थूक कर चाटने की आदत तो भाजपाइयों की है, आप को यह शोभा नही देता. कल मुझे छोटे भाई सौरव का इंतज़ार रहेगा. शुभ रात्रि. जय हिंद !!!"

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आगे अलका लांबा ने ट्वीट कर लिखा,   "जिसे हम #लोकतंत्र समझते थे, आज #प्रश्न करने पर उन्हें वह #अनुशासनहीनता लगने लगी।#तानाशाही के दौर में, लगता है उसे भी अब कुछ सुनना पसंद नही। बड़े आये, बड़े चले गए, ना कुछ लाया था साथ, ना कुछ साथ ले जायेगा।#घमंड में कोई लंबा जिया नही।#कुर्सी तो आनी जानी है,#लालच इसका हमें नही !"

दोनों के बीच ये ट्विटर वार कई घंटों तक चला. मालूम हो कि अलका लांबा इससे पहले भी कई बार विवादों में घिर चुकी हैं. हाल ही में दिल्ली सरकार की ओर से राजीव गांधी को भारत रत्न वापस लिए जाने संबंधी प्रस्ताव पर उन्होंने खुलकर विरोध किया था.

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First published: 3 April 2019, 10:10 IST
 
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