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लोेकसभा चुनाव 2019: सपा-बसपा को झटका देकर यूपी में अकेले चुनाव लड़ सकती है कांग्रेस

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 December 2018, 19:08 IST

हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को अभूतपूर्व जीत हासिल हुई है. इनमें से तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पार्टी ने बीजेपी को पटखनी देते हुए बड़ी जीत दर्ज की है. इसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मनोबल बढ़ा हुआ है. वहीं अब खबर आ रही है कि इन तीन राज्यों में जीत से उत्साहित कांग्रेस साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में यूपी में अकेले चुनाव लड़ सकती है.

बता दें कि कांग्रेस वैसे तो पूरे देश में महागठबंधन करना चाहती है. लेकिन तीन राज्यों में मिली जीत ने कांग्रेस का मनोबल काफी बढ़ा दिया है. इन राज्यों में हुए चुनाव से पहले जहां कांग्रेस कहीं भी दिखाई नहीं देती थी वहीं अब कांग्रेस हिंदी बेल्ट वाले राज्यों में मजबूत दिखाई देने लगी है.

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तीन राज्यों में जीत के बाद कांग्रेस आलाकमान को भी महसूस होने लगा है कि अगर पार्टी अपने पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ती है तो वह उतनी कमजोर नहीं है जितनी साल 2014 के चुनाव में दिखाई देती थी. साल 2014 के चुनाव से अबतक देश में काफी कुछ बदल चुका हैै. जहां एक तरफ पीएम मोदी की लहर अब उस तरह की नहीं रह गई है. वहीं देश भर में बीजेपी के खिलाफ एंटी एंकंबेसी भी बनी है.

कांग्रेस को पता है कि जिस तरह के वादे पीएम मोदी ने चुनाव से पहले किए थे वे पूरे नहीं किए जा सकें हैं. इससे देश की जनता में भी प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के खिलाफ रोष उत्पन्न हुआ है. वहीं यूपी में सपा-बसपा भी समय-समय पर कांग्रेस को महागठबंधन को लेकर आंखें दिखाते रहे हैं. लेकिन तीन राज्यों में खुद सपा-बसपा ने आगे बढ़कर कांग्रेस को समर्थन करने का ऐलान किया है.

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माना जा रहा है कि अगर गठबंधन ना हुआ तो उप्र में कांग्रेस दिग्गज चेहरों के सहारे चुनाव लड़ेगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी क्षेत्र में प्रभावी चेहरे पर दांव लगाकर उनकी दमखम आंकना चाहते हैं. अगर ऐसा होता है तो रायबरेली से सोनिया गांधी और अमेठी से राहुल गांधी के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी कई प्रमुख चेहरे मैदान में होंगे.

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इसके तहत प्रतापगढ़ क्षेत्र से रत्ना सिंह व इलाहाबाद से प्रमोद तिवारी को मैदान में उतारा जा सकता है. लखीमपुर खीरी की धौहरारा सीट से जितिन प्रसाद, बाराबंकी से पी.एल. पुनिया, गोंडा से बेनी प्रसाद वर्मा, कुशीनगर से आर.पी.एन. सिंह, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर क्षेत्र से इमरान मसूद, फैजाबाद से निर्मल खत्री और कानपुर से प्रकाश जयसवाल पर पार्टी दांव लगा सकती है. प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को आगरा या फिरोजाबाद से उतारा जा सकता है.

First published: 22 December 2018, 19:08 IST
 
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