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बिहार में NDA गठबंधन के आगे कहीं नहीं टिकता महागठबंधन, इस बार भी चलेगी मोदी लहर !

आदित्य साहू | Updated on: 24 December 2018, 16:10 IST

साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए एनडीए गठबंधन और महागठबंधन बन चुका है. एनडीए गठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा भी फाइनल हो चुका है. एनडीए गठबंधन के दो घटक दलों बीजेपी और जदयू को बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 17-17 सीटों मिली हैं, वहीं एलजेपी को 6 सीटें दी गई हैं.

इसके अलावा महागठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा तो नहीं हुआ है लेकिन महागठबंधन के घटक दलों का चयन हो चुका है. महागठबंधन को बिहार की बड़ी पार्टी लालू यादव की राजद लीड करेगी. इसके अलावा महागठबंधन में कांग्रेस, हाल ही में ज्वाइन किए उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम, लेफ्ट पार्टियां और बिहार में सन ऑफ मल्लाह माने जाने वाले मुकेश साहनी की पार्टी वीआईपी शामिल हैं.

इसके साथ ही बिहार में साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की लड़ाई दिलचस्प हो गई है. हालांकि संख्याबल के हिसाब से देखें तो महागठबंधन जरूर एनडीए पर भारी दिखाई देता है. लेकिन पिछले कुछ चुनावों के वोट प्रतिशत के नजरिए से देखें तो एनडीए गठबंधन भारी पड़ता प्रतीत होता है.

बात अगर साल 2014 के लोकसभा चुनाव की करें तो मोदी लहर में सवार एनडीए ने बिहार में सूपड़ा साफ कर दिया था. तब एनडीए को बिहार में 31 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. वहीं बाकी पार्टियों को 9 सीट से संतोष करना पड़ा था. हालांकि तब जेडीयू एनडीए गठबंधन से अलग था और एनडीए गठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी थी.

 

तब बीजेपी को 22 सीटों पर जीत मिली थी और लोजपा को 6 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. इसके अलावा आरएलएसपी को तीन सीटों पर जीत हासिल हुई थी. वहीं जेडीयू को दो, राजद को चार और कांग्रेस को दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी. इसके अलावा राकंपा को एक सीट मिली थी. 

वहीं साल 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत हासिल हुई थी. तब बिहार में बीजेपी को 243 में से 53 सीटें, जेडीयू को 71 और लालू यादव की पार्टी राजद को 80 सीटों पर जीत मिली थी. इसके अलावा एनडीए में शामिल एलजेपी को दो, आरएलएसपी को दो और हम को एक सीट पर जीत हासिल हुई थी.

अगर विधानसभा चुनाव 2015 के वोट शेयर को पैमाना माना जाए तो बीजेपी के 24.4, एलजेपी के 4.8 और जेडीयू के 16.8 फीसदी वोट शेयर को मिलाने पर बिहार में एनडीए की कुल 46 फीसदी वोटें हो जाती हैं. वहीं आरजेडी की 18.4, जीतनराम मांझी की पार्टी हम के 2.3, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी के 2.6 और कांग्रेस के 6.7 वोट शेयर को जोड़े तो वोटों का कुल प्रतिशत 30 आती है. जो एनडीए के वोट शेयरों से काफी पीछे है.

First published: 24 December 2018, 16:11 IST
 
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