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24 चुनाव कवर कर चुके विशेषज्ञ ने कहा- अब नरेंद्र मोदी के PM बनने के चांस 50-50

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 August 2018, 9:06 IST

नरेंद्र मोदी के 2019 में फिर से प्रधानमंत्री बनने के चांस घट गए हैं. अगर आज चुनाव होते हैं तो उनके पीएम बनने के चांस 50-50 हैं. यह दावा वैश्विक अर्थशास्त्र और राजनीति पर व्यापक रूप से लिखने वाले अर्थशास्त्री और निवेशक रुचिर शर्मा ने किया है. रुचिर शर्मा ने पीटीआई को दिए एक खास इंटरव्यू में कहा है कि 2019 में नरेंद्र मोदी के फिर से चुने जाने की संभावना 99 फीसदी से 50 फीसदी पर आ गई है.

बता दें कि रुचिर शर्मा विश्वभर के समाचार पत्रों के लिए स्तंभकार के तौर पर लिखने के लिए जाने जाते हैं. इसके अलावा उन्होंने 24 से ज्यादा बड़े चुनावों को कवर किया है. रुचिर शर्मा ने कहा कि 2017 में अगर लोकसभा का चुनाव होता तो पीएम मोदी के फिर से पीएम बनने की संभावना 99 फीसदी होती, लेकिन 2018 में यह 50 फीसदी पर आ गई है.

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हालांकि रुचिर ने इसके पीछे कोई खास बजह नहीं बताई. उन्होंने कहा कि अलग-अलग बंटे विपक्ष के एकसाथ आने से ऐसे संकेत बन रहे हैं. अपनी आने वाली किताब 'डेमोक्रेसी ऑन रोड' के लिए काम कर रहे रुचिर शर्मा ने कहा कि 2014 में बीजेपी 31 फीसदी वोटशेयर के साथ जीती थी क्योंकि विपक्ष बंटा हुआ था, सीटों का शेयर असंगत था और वोट एक जगह केंद्रित थे.

शर्मा ने कहा कि 2019 के चुनाव एकदम अलग होने वाले हैं, अब नाटकीय रूप से आंकड़ों का अंतर बदल गया है, अब 50-50 चुनाव होने जा रहा है और गंठबंधनों को ज्यादा अवसर मिलने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूरी तरह से बंटा हुआ विपक्ष अब वास्तव में एकजुट होने के संकेत दे रहा है, कोई नहीं चाहता कि चुनाव की नतीजे एकतरफा रहें.

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बता दें कि शर्मा भारत में दो दर्जन से अधिक चुनावों को कवर कर चुके हैं. वह साल 1990 से भारत में चुनाव को कवर कर रहे हैं. साल 2004 के चुनावों को याद करते हुए वह बताते हैं कि तब अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी आज के जैसी ही स्थिति बन गई थी. जब वाजपेयी के खिलाफ विपक्ष एकजुट होने लगा था तब भी यही सवाल खड़ा हो गया था कि वाजपेयी नहीं तो प्रधानमंत्री कौन बनेगा.. और ऐसी स्थिति में एक्सीडेंटल बना.

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यूपी को भारत का माइक्रोसोम्स बताते हुए शर्मा ने कहा कि 80 लोकसभा सीटों वाले राज्य में अगर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन होता है तो वह चुनाव में सूपड़ा साफ कर देंगे, लेकिन गठबंधन नहीं होता है तो बीजेपी जीतेगी. उत्तर प्रदेश में अब भी जाति के आधार पर वोट दिया जाता है.

First published: 25 August 2018, 8:58 IST
 
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