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पंजाब में कांग्रेेस के टिकटों के लिए मारा-मारी

राजीव खन्ना | Updated on: 19 August 2016, 7:25 IST
QUICK PILL
  • पंजाब कांग्रेस के लिए खुशखबरी है. पार्टी को 117 विधानसभा सीटों के लिए 1600 उम्मीदवारों के आवेदन मिले हैं.
  • विश्लेषकों की माने तो अधिक से अधिक लोग कांग्रेस का टिकट चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता कि पंजाब की त्रिकोणीय लड़ाई में कांग्रेस की संभावनाएं अन्य दलों के मुकाबले ज्यादा बेहतर हैं. 
  • पंजाब में अभी तक लड़ाई अकाली, बीजेपी और कांग्रेस के बीच रही है. लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी भी पंजाब चुनाव में गंभीर उम्मीदवार मानी जा रही है.

पंजाब कांग्रेस के लिए खुशखबरी है. पार्टी को 117 विधानसभा सीटों के लिए 1600 उम्मीदवारों के आवेदन मिले हैं. इस पूरी प्रक्रिया में नकदी के संकट से जूझ रही पार्टी को उम्मीदवारों के आवेदन से करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिलेगी. 

विश्लेषकों की माने तो अधिक से अधिक लोग कांग्रेस का टिकट चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता कि पंजाब की त्रिकोणीय लड़ाई में कांग्रेस की संभावनाएं अन्य दलों के मुकाबले ज्यादा बेहतर है. 

पंजाब में अभी तक लड़ाई अकाली, बीजेपी और कांग्रेस के बीच रही है. लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी भी पंजाब चुनाव में गंभीर उम्मीदवार मानी जा रही है.

पार्टी के सूत्रों की माने तो आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के आवेदन की संख्या बढ़कर 2000 हो सकती है और पार्टी ने टिकट के लिए आवेदन दिए जाने की आखिरी तारीख को बढ़ा दिया है. पार्टी आवेदन देने वालों से एक हलफनामा भी मांग रही है. हलफनामे में उन्हें यह कहना पड़ रहा है कि अगर पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती है तो वह पार्टी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे. साथ ही वह हर उम्मीदवार से प्रत्येक बूथ के दो मतदाताओं का आधार कार्ड या वोटर लिस्ट की कॉपी मांग रही है. 

पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया, 'इससे पार्टी को अगंभीर उम्मीदवारों को टिकट नहीं देने में मदद मिलेगी. चूंकि प्रत्येक विधानसभा में 200 से अधिक बूथ हैं और ऐसे में हर बूथ से दो मतदाताओं के पहचान पत्र देने से यह बात साबित हो जाएगी कि उन्होंने अपने क्षेत्र में काफी काम किया है.'

पार्टी ने सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 10,000 रुपये जबकि आरक्षिण श्रेणी के उम्मीदवारों को 5,000 रुपये देने के लिए कहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि जिन्हें टिकट नहीं मिलेगा, उनकी जमा राशि लौटा दी जाएगी.

विश्लेषकों की माने तो इस बार कांग्रेस की रणनीति में बदलाव देखने को मिला है. पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रशांत किशोर के साथ काम कर रहे हैं. किशोर लोगों से सीधे संपर्क बनाने की रणनीति पर चल रहे हैं.

पंजाब में अभी तक लड़ाई शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी एवं कांग्रेस के बीच रही है.

अमरिंदर भी लोगों के बीच लगातार काम कर रहे हैं. पिछले हफ्ते यह दिखा भी जब वह स्थानीय कार्यकर्ता बलदेव सिंह के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किए जाने के मामले में स्थानीय थाने में फिल्मी अंदाज में जा घुसे.

सिंह ने पुलिस अधिकारियों को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने के मामले में नतीजे भुगतने की भी चेतावनी दे डाली. उन्होंने कहा, 'आप अपनी वर्दी का सम्मान कीजिए और अकाली दल के इशारे पर आप लोगों के साथ अन्याय मत कीजिए जिनकी गिनती के दिन बचे हुए हैं.'

उन्होंने कहा, 'मेरी आपसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है लेकिन अगर आपने किसी कार्यकर्ता को जानबूझकर परेशान किया तो मैं इसे निजी तौर से कहीं ज्यादा लूंगा. न तो मैं इसे भूलूंगा और नहीं मैं इसे माफ करुंगा.'

लुधियान के एक राजनीतिक विश्लेेषक ने बताया, 'पंजाबी वैसे नेता को पसंद करते हैं जिनके भीतर लड़ने का जज्बा होता है. इस तरह का संदेश देकर अमरिंदर सिंह ने लोगों को खुश किया है.'

सार्वजनिक भाषण में अमरिंदर सिंह लोगों से पंजाब को वापस पटरी पर लाने के लिए पांच सालों का समय मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुझे पांच साल दीजिए ताकि मैं हर पंजाबी के चेहरे पर हंसी ला सकूं. साथ ही वह अकाली की तरफ से फैलाए गए इस धारणा को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं कि वह शाही खानदान से आते हैं और उनका जनता से कोई संपर्क नहीं है. 

वास्तव में प्रशांत किशोर भी इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं ताकि सिंह की छवि को लोगों से जुड़े नेता के तौर पर आगे बढ़ाया जा सके. पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश देते हुए सिंह ने एक पार्टी कार्यककर्ता प्रीत सिंह को अपने मोती बाग महल में आमंत्रित किया. प्रीत सिंह ने एक कार्यक्रम में सवाल पूछते हुए सिंह का महल देखने की इच्छा जताई थी.

अमरिंदर ने उनसे कहा कि वह फिलहाल लगातार पंजाब के दौरे पर रहते हैं और जब वह घर लौटेंगे तो जिला प्रेसिडेंट हरदयाल कंबोज से उन्हें उनका महल दिखाने के लिए कहेंगे.

पूरी तैयारी में कांग्रेस

अमरिंदर सिंह ने एक परिवार को एक टिकट के नियम की घोषणा कर दी है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है. हालांकि इसके बावजूद कांग्रेसी कार्यकर्ता अलग अलग श्रेणी के तहत टिकटों के लिए आवेदन दे रहे हैं.

30 फीसदी टिकट युवाओं को दिए जाने की घोषणा के बाद कांग्रेसी नेता अपने बेटों के लिए टिकट का आवेदन दे रहे हैं. हालांकि वह इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि एक परिवार को एक ही टिकट मिले. एक राजनीतिक विश्लेषक ने बताया, 'कम से कम वह एक चरणबद्ध तरीके से टिकटों के लिए आवेदन दे रहे हैं. पार्टी इस बात का ख्याल रखेगी कि एक परिवार को एक से ज्यादा टिकट नहीं मिले. अगर यह होता है तो यह नई पहल होगी.'

कांग्रेस के पदाधिकारियों को लगता है कि आने वाले दिनों में नई रणनीति से कांग्रेस को फायदा मिलेगा. 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हारी थी. हालांकि रेडियो पत्रकार शिव इंदर को कांग्रेस की जीत को लेकर कई तरह की आशंकाएं हैं.

उन्होंने कहा, 'निश्चित तौर पर टिकट उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी बड़ी बात है लेकिन पार्टी को अभी भी दोआब और मालवा क्षेत्र में काफी काम करना होगा.' पार्टी पंजाब से शुरुआत करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दुरुस्त करना चाहती है. अब सवाल यह है कि क्या अमरिंदर इस काम को पूरा कर पाएंगे.

First published: 19 August 2016, 7:25 IST
 
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