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लोया केस : कांग्रेस के वो 10 सवाल जिनके जवाब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नहीं मिले

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 April 2018, 17:54 IST

विशेष सीबीआई जज बृजमोहन हरिकिशन लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि इस फैसले ने कई अनुत्तरित सवाल छोड़ दिए हैं. कांग्रेस ने इसे भारत के इतिहास में एक दुखद दिन बताया.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रभारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता और संचार रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि न्यायाधीश लाया की मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. 

 

ये रहे कांग्रेस के 10 सवाल

1- सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में सोहराबुद्दीन फेक एनकाउंटर केस को गुजरात से मुंबई ट्रांसफर कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि शुरू से लेकर अंत तक एक ही जज इस मामले की सुनवाई करेंगे. कांग्रेस ने कहा इस केस के में अमित शाह भी आरोपी थे और जज उत्पल ने आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं होने के लिए लताड़ लगाई थी जिसके बाद उनका ट्रांसफर हो गया.

2- जज उत्पल के ट्रांसफर के बाद जज लोया इस केस को देख रहे थे और 30 नवंबर 2014 को उनकी मौत हो गई. उनकी मौत के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इस मामले में बरी हो गए लेकिन सीबीआई ने इसके खिलाफ अपील नहीं की.

3- जज लोया की बहन और पिता ने 21 नवंबर 2017 को एक पत्रिका के सामने इल्जाम लगाया कि जज लोया पर सभी अभियुक्तों को बरी करने का दबाव था. जिसमे सामने आया कि एक पूर्व जज के जरिये उन्हें 100 करोड़ रुपये और एक फ्लैट का भी ऑफर दिया गया था.

4- कांग्रेस ने कहा कि जज लोया की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई लेकिन ईसीजी की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई. एक्सपर्ट का भी कहना है कि चोट का सबूत मिला है.

5- जज लोया की मौत से ठीक पहले 24 नवंबर 2014 को उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी.

6- नागपुर के गेस्ट हाउस रवि भवन में 30 नवंबर 2014 को लोया के रुकने का दावा किया जा रहा है वहां इसकी कोई एंट्री नहीं है. गेस्ट हाउस के 15 कर्मचारियों ने भी अलग-अलग मीडिया हाउस में बयान दिया है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.

7- कांग्रेस का कहना है कि यह समझ नहीं आता कि 3 जज दो बिस्तरों वाले एक कमरे में ही सो रहे हों जबकि अन्य कमरे खाली थे.

8- जज लोया के परिवार ने कहा था कि उनके कपड़े खून से सने हुए थे. हार्ट अटैक आया था तो खून कहां से आया?

9- जज लोया के परिवार को बिना सूचना दिए उनका पोस्टमॉर्टम 1 दिसंबर 2014 को किया गया, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनका नाम भी गलत लिखा गया.

10- कांग्रेस ने पूछा कि जज लोया के दो और सहयोगियों की मौत सदेहास्पद परिस्थिति में हुई. ऐडवोकेट खंडालकर की मौत 29 नवंबर 2015 को कोर्ट की छत से गिरकर हुई जबकि 28 नवंबर से अदालत में छुट्टी थी.

 

बीजेपी ने कांग्रेस पर बोला हमला

इस मुद्दे पर बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस राजनीतिक लड़ाई को कोर्ट के रास्ते से लड़ना चाहती है. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह केस पब्लिक हित में नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी के हित में था. प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बीजेपी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की छवि खराब करना चाहती है. प्रसाद ने कहा 'मैं राहुल गांधी से आग्रह करूंगा कि वे अदालत के गलियारों के जरिए राजनीतिक लड़ाई न लड़ें.'

First published: 19 April 2018, 17:53 IST
 
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