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सर्जिकल स्ट्राइक पर सेना के पूर्व अधिकारी का खुलासा- चीते का यूरिन साथ लेकर गए थे जवान, जानें क्या थी वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 September 2018, 16:36 IST
(ANI)

पाकिस्तान पर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर अभी भी बहुत तथ्य सार्वजनिक नहीं किये गए हैं. 28 सितंबर 2016 को भारतीय सेना के सफल सर्जिकल स्ट्राइक की चर्चा आज 2018 में उतनी ही उत्सुकता से की जाती है. पूर्व नगरोटा कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निम्भोड़कर ने इस ऑपरेशन की अनुवाई की थी. अब निम्भोड़कर ने इस सर्जिकल स्ट्राइक के मामले में कुछ नई बातें सार्वजनकि की हैं.

निम्भोड़कर ने बताया की जिस रास्ते से भारतीय सेना ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक किया था वहां पर कुत्तों से बचने के लिए उन्हें चीते का यूरिन साथ ले जाना पड़ा. उन्होंने कहा कि कुत्ते चीतों से डरते हैं और इसीलिए कुत्तों को भगाने के लिए सेना के जवान अपने साथ चीते का यूरिन ले गए थे.


इस सर्जिकल स्ट्राइक पर जहां एक तरफ विपक्ष सरकार को कठघरे में घेरने में लगी रहती है वहीं दूसरी तरफ सरकार इस स्ट्राइक को भारतीय सेना की पाकिस्तान पर एक बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्शाती है.

गौरतलब है कि थोरले बाजीराव पेशवा प्रतिष्ठान ने सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता के लिए निम्भोड़कर को उन्हें महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया.

 

सेना के अधिकारी ने कहा, 'सर्जिकल स्ट्राइक की अभियानगत रणनीति बनाते समय हम लोगों के दिमाग में कुत्तों के भोंकने और रास्ते में गांव पार करते समय सेना के जवानों पर उनके हमले की बात थी. कुत्तों से छुटकारा पाने के लिए सेना के जवान चीते का पेशाब और मल अपने साथ ले गए. सेना के जवानों ने चीते के मल और मूत्र को गांव के बाहर फैलाया और छिड़का. हमारी इस सोच ने अच्छी तरह से काम किया.'

 

First published: 12 September 2018, 16:36 IST
 
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