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पासपोर्ट विवाद: लोगों ने ट्विटर पर सुषमा स्वराज को दी गाली तो ऐसे दिया करारा जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 June 2018, 8:52 IST

हिंदू-मुस्लिम दंपति को पासपोर्ट जारी करने को लेकर हुए विवाद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के लिए माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल तक किया गया. जिसका उन्होंने करारा जवाब दिया है. सुषमा स्वराज ने ऐसे ट्वीट्स को रीट्वीट किया जिनमें उन्हें अपशब्द कहे गए थे.

विदेश मंत्री ने एक अन्य ट्वीट कर यह भी बताया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया? सुषमा स्वराज ने कहा, "मैं 17 जून से 23 जून तक भारत में नहीं थी. मैं नहीं जानती कि मेरी गैर हाजिरी में यहां क्या हुआ. हालांकि कुछ ट्वीट्स के कारण मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं. उन ट्वीट्स को मैं आपसे शेयर कर रही हूं, इसलिए मैंने उन्हें लाइक किया है."

उन्होंने कुछ ट्वीट्स को रीट्वीट किया. एक ट्वीट कैप्टन सरबजीत ढिल्लन नाम के हैंडल से किया गया है. इस ट्वीट में लिखा था, "वह लगभग मरी हुई महिला हैं क्योंकि वह सिर्फ़ एक किडनी के सहारे जी रही हैं (वह भी किसी दूसरे से मांगी गई) और वह किसी भी समय काम करना बंद कर सकती है."

दरअसल, कैप्टन सरबजीत ढिल्लन का ट्वीट एक अन्य यूजर रुद्र शर्मा के ट्वीट का रिप्लाई था. रुद्र शर्मा ने ट्वीट में लिखा था, "यह महिला सुषमा स्वराज, नरेंद्र मोदी को भी ट्विटर पर फ़ॉलो नहीं करती. यह अपनी एक सेक्युलर छवि बनाने की कोशिश कर रही है ताकि साल 2019 के चुनाव में यदि बीजेपी को बहुमत नहीं मिलता है तो ये कुछ नकली सेक्युलरों की मदद से देश की प्रधानमंत्री बन सकें. विकास मिश्रा के ख़िलाफ़ कार्रवाई इसी एजेंडा का एक हिस्सा है."

ये है पूरा मामला

दरअसल, 12 साल पहले मोहम्मद अनस नाम के व्यक्ति से शादी करने वाली तन्वी सेठ ने लखनऊ के पासपोर्ट ऑफिस में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था. उन्हें पासपोर्ट ऑफिस की तरफ से इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था. लेकिन तन्वी के मुताबिक, पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा ने उन्हें और उनके पति को धर्म के आधार पर अपमानित किया और कहा कि उनका पासपोर्ट नहीं बन सकता. तन्वी का कहना था कि क्योंकि उन्होंने एक मुस्लिम युवक से शादी की है तो कहा गया कि आपको पासपोर्ट के लिए नाम बदलना होगा.

इसके बाद तन्वी ने अधिकारी की शिकायत ट्विटर पर सुषमा स्वराज और पीएमए से की थी. जिसके बाद विकास मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया और तन्वी को 24 घंटे के अंदर हाथों हाथ पासपोर्ट सौंप दिया गया.

वहीं मिश्रा ने अपने बचाव में कहा कि इस मामले का धर्म से लेना-देना नहीं है और उन्होंने तन्वी से कहा था कि उनका निकाहनामा उनका नाम शाजिया अनस दिखाता है, जिसे उनकी फाइल में शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा था कि इसके लिए तन्वी ने इनकार कर दिया था. फिलहाल मिश्रा का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है.

इसके बाद ही सुषमा स्वराज को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर ट्रोल किया गया और उनके खिलाफ गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल तक किया गया.

First published: 25 June 2018, 8:49 IST
 
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