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मध्य प्रदेश: BJP के दबाव में कमलनाथ सरकार ने लिया यू-टर्न ! अब गाजे-बाजे के साथ होगा वंदे मातरम

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 January 2019, 15:10 IST

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने राज्य सचिवालय में महीने की पहली तारीख को होने वाले राष्ट्रीय गीत की 13 साल पुरानी परंपरा पर रोक लगा दी थी. अब इस फैसले पर कांग्रेस सरकार ने यू-टर्न ले लिया है. कमलनाथ सरकार ने वंदे मातरम को नया रूप देने का फैसला किया है.

मध्य प्रदेश की सरकार के अनुसार, अब वंदे मातरम को और आकर्षक रूप में गाया जाएगा जिसके लिए नई रूपरेखा तैयार की गई है. अब कर्मचारी ही नहीं बल्कि आम जनता भी वंदे मातरम गायन में शामिल होगी.

सरकार के मुताबिक, हर महीने के पहले कार्य दिवस पर पुलिस बैंड सुबह 10:45 बजे भोपाल में शौर्य स्मारक से वल्लभ भवन तक मार्च के दौरान उन धुनों को बजाएगा जो देशभक्ति की भावनाओं को प्रोत्साहित करती हैं. भवन पर पहुंचने के बाद राष्ट्रगान और वंदे मातरम गाया जाएगा.

बता दें कि मध्य प्रदेश की नई-नवेली कमलनाथ सरकार ने पूर्व की बीजेपी सरकार की 13 साल पुरानी परंपरा को खत्म करते हुए सचिवालय में महीने के पहले दिन वंदे मातरम गाने पर रोक लगा दी थी, इस महीने की पहली तारीख को वंदे मातरम गाया भी नहीं गया था. इससे पहले हर सप्ताह कैबिनेट मीटिंग से पहले सभी मंत्री और हर महीने की पहली तारीख को सचिवालय में सभी कर्मचारी और अधिकारी वंदे मातरम गाते थे. 

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कांग्रेस सरकार के इस फैसले के बाद राज्य में बवाल मच गया था. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार के इस निर्णय पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस को राष्ट्रगीत गाने में शर्म आती है तो वह खुद सचिवालय में वंदे मातरम गाएंगे. 

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वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर प्रतिबंध लगाने का कमलनाथ सरकार का फैसला अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है. बीजेपी अध्यक्ष ने सवाल किया था कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी बताएं कि वंदे मातरम् के इस अपमान का निर्णय क्या उनका है?

First published: 3 January 2019, 15:10 IST
 
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