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माननीय मुख्यमंत्री, मेरा त्यागपत्र स्वीकार करने का कष्ट करें

चारू कार्तिकेय | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
QUICK PILL
  • मध्य प्रदेश के डॉक्टर आनंद राय ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया. राय सरकारी नौकरी में भर्ती से जुड़े व्यापम घोटाले को सामने लाने वालों में एक हैं.
  • राय का आरोप है कि सरकार उनका बार-बार ट्रांसफर कर के उन्हें परेशान कर रही है. उन्होंने इंदौर के डिविजनल कमिश्नर पर गैर-कानूनी तरीके से अपने बेटे का आईआईटी में प्रवेश करने का आरोप लगाया है.

मध्य प्रदेश में विभिन्न सरकारी नौकरियों से जुड़े व्यापम घोटाले से जुड़ी त्रासदियों में एक और त्रासदी जुड़ गयी है. शुक्र है कि इस बार किसी की जान नहीं गयी, बस नौकरी गयी है.

व्यापम घोटाले को सामने लाने वालों में अग्रणी व्हिसल-ब्लोअर डॉक्टर आनंद राय ने अपनी मध्य प्रदेश सरकार की नौकरी छोड़ दी है. उन्होंने शुक्रवार को उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

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राय राज्य सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारी के रूप में तैनात थे. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान को भेजा है.

इंदौर के रहने वाले राय ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापम) द्वारा होने वाली परीक्षाओं में धांधली की शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज करायी थी. उन्होंने राज्य के सीएम समेत कई लोगों पर इस परीक्षा में धांधली में शामिल होने का आरोप लगाया.

व्यापम घोटाले को सामने लाने वालों में एक डॉक्टर आनंद राय को देना पड़ा पद  से इस्तीफा

राज्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के पूर्व सदस्य हैं. उनके अनुसार वो कथित धांधली का मामला न उठा पाएं इसलिए उनका बार-बार ट्रांसफर किया गया.

राय ने व्यापम की जांच सीबीआई से और उससे जुड़ी 40 मौतों की मांग स्पेशल एसआईटी द्वारा कराने की मांग की थी.

राय के अनुसार उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं और राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा को मजाक बना दिया है.

Dr Anand Rai resignation

राय ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि उन्होंने हाल ही में एक दूसरे चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर माधव हसानी द्वारा नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन के तहत आए पैसे के गबन की जांच की थी. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में डॉक्टर माधव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी.

राय का आरोप है कि ज्यों ही उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी इंदौर के डिविजनल कमिश्नर संजय दुबे ने चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर(सीएमएचओ) और सिविल सर्जन को बुलाकर राय का संबंधित ट्रांसफर करने के लिए कहा.

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अपने इस्तीफे में उन्होंने आरोप लगाया कमिश्नर ने उनके जैसे ईमानदार अफसर को इनाम देने के बजाय परेशान किया गया. उनके अनुसार उनकी काम की स्थितियां बदतर होती जा रही थीं इसलिए वो इस्तीफा देने के लिए मजबूर हो गए.

राय का आरोप है कि कमिश्नर दुबे इसलिए उनके पीछे पड़े थे क्योंकि उन्होंने सीबीआई में उनके खिलाफ हलफनामा दिया था. राय के अनुसार दुबे ने अपने स्वस्थ बेटा का आईआईटी बॉम्बे में विकलांग कोटे में एडमिशन कराया.

आनंद राय का आरोप है कि डिविजनल कमिश्नर ने अपने बेटे को गैर-कानूनी तरीके से आईआईटी में दिलाया प्रवेश

राय अपने आरोप के समर्थन में एक आरटीआई दिखाते हैं. जिसके अनुसार दुबे के बेटे को कोई विकलांगता प्रमाणपत्र नहीं दिया गया. दुबे ने एक निजी अस्पताल से विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाकर गैर-कानूनी तरीके से अपने बेटे का प्रवेश कराया था.

Dr Anand Rai RTI

राय कहते हैं कि दुबे की वजह से किसी विकलांग छात्र को आईआईटी में अपने वाजिब हक़ से मरहूम होना पड़ा होगा.

राय ने दुबे के खिलाफ सीबीआई में शिकायत की है. उनका दावा है कि इसी वजह से सीएम चौहान भी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं.

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राय ने कैच से बताया कि दुबे व्यापम घोटाले में शामिल थे. राय का आरोप है कि दुबे ने व्यापम के सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा की मामले में अहम सबूत हार्ड डिस्क को डिलीट करने में मदद की थी.

उनके अनुसार उस हार्ड डिस्क में व्यापम में हुई धांधली से जुड़ी पूरी जानकारी मौजूद थी.

राय कहते हैं कि वो जल्द सीबीआई अधिकारियो से मिलेंगे और मामले में दुबे से पूछताछ की मांग करेंगे.

First published: 20 March 2016, 10:45 IST
 
चारू कार्तिकेय @charukeya

असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़, राजनीतिक पत्रकारिता में एक दशक लंबा अनुभव. इस दौरान छह साल तक लोकसभा टीवी के लिए संसद और सांसदों को कवर किया. दूरदर्शन में तीन साल तक बतौर एंकर काम किया.

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