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मद्रास हाईकोर्ट: जयललिता क्यों करें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा?

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 October 2016, 15:08 IST
(एजेंसी)

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता के खराब स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि तमिलनाडु सरकार मुख्यमंत्री जयललिता के स्वास्थ्य पर औपचारिक बयान जारी करने या फिर उनके अस्पताल में रहने तक किसी को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाये या नहीं बनाए जाने को लेकर पूरी तरह से स्वतंत्र हैं और इस संबंध में उन्हें कोई आदेश नहीं दिया जाएगा.

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता 22 सितंबर से अस्पताल में दाखिल हैं. तमिलनाडु की जनता खासकर जयललिता के समर्थक 'अम्मा' की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

वहीं, दूसरी ओर तमिलनाडु के सियासी हलके में जयललिता के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इनमें सबसे मजबूत दावेदार दक्षिण सिनेमा के एक्टर अजित कुमार को बताया जा रहा है.

जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके का दावा है कि जयललिता ने अपने उत्तराधिकारी और तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर अजित कुमार को चुन लिया था.

इससे पहले भ्रष्टाचार मामले में जब जयललिता को सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी तो पनीरसेल्वम को सीएम पद का प्रभार सौंपा गया था, लेकिन जयललिता के उत्तराधि‍कारी के तौर पर पनीरसेल्वम की संभावना बिल्कुल भी नहीं है.

गौरतलब है कि जयललिता की पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) ने उनकी बीमारी के बारे में कहा था कि बुखार और डिहाईड्रेशन के लिए उनका उपचार किया जा रहा है, लेकिन बाद में जब उन्हें अनुमान से अधिक समय तक अस्पताल में ही रहना पड़ा.

जयललिता का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि वह रेस्पिरेटरी सपोर्ट पर हैं और दवाएं असर कर रही हैं, लेकिन उन्हें कुछ और दिन अस्पताल में ही रहना होगा.

सूचना के मुताबिक दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (एम्स) के डॉक्टर भी वहां भेज दिए गए हैं, जहां इंग्लैंड से आए फेफड़ों की बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर पहले से जयललिता का इलाज कर रहे हैं.

बताया जा रहा है कि चेन्नई के अपोलो अस्पताल के बाहर जयललिता के सैकड़ों प्रशंसक लगातार जमे हुए हैं और उनका कहना है कि वे तब तक घर नहीं लौटेंगे, जब तक उन्हें जयललिता के स्वस्थ होने का भरोसा नहीं हो जाता.

इस बीच एआईएडीएमके ने पार्टी प्रमुख की सेहत के बारे में सोशल मीडिया पर झूठी बात फैलाने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई है.

First published: 6 October 2016, 15:08 IST
 
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