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महाराष्ट्र: 30 हजार किसान विधानसभा का घेराव करने आजाद मैदान पहुंचे, सरकार बातचीत के लिए तैयार

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 March 2018, 8:46 IST

महाराष्ट के मुंबई में आज 30 हजार से ज्यादा किसान महारैली करने वाले हैं. रविवार को ये किसान मुंबई पहुंच गए थे. संपूर्ण कर्जमाफी सहित कई मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की तरफ से निकाला गया 'लॉन्ग मार्च' सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंच गया. आज किसानों का योजना मुंबई विधानसभा का घेराव करने की है.

किसानों के प्रदर्शन के बीच रविवार देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक हाई लेवल मीटिंग की. मीटिंग के बाद छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया. इस मीटिंग में गिरीश महाजन, चंद्रकांत दादा पाटिल, सुभाष देशमुख, पांडुरंग फुंडकर, विष्णु सावरा और एकनाथ शिंदे शामिल हुए.

रविवार को महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने किसानों से जाकर मुलाकात की थी. उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस किसानों के साथ हैं. उन्होंने कहा था कि किसानों की अधिकतर मांगें पूरी की जाएंगी. सोमवार को विधि मंडल में सभी मुद्दों को उठाया जाएगा.

 

गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर किसानों की यह रैली 6 मार्च को नासिक से शुरू हुई. उसी रात किसानों की यह रैली वासिंद में रुकी और शनिवार को ये लोग ठाणे पहुंचे. किसान हर दिन 30 किलोमीटर चलते हुए तकरीबन 180 किलोमीटर का सफर पूरा कर सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे.

कई किसानों की बिगड़ी तबियत
इससे पहले शनिवार को यात्रा में शामिल 5 किसानों की तबियत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि इलाज के बाद किसानों को छुट्टी दे दी गई. इन किसानों को पानी की कमी और कम ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था.

क्या है मुख्य मांगें?
किसानों का कहना है कि बीजेपी सरकार ने किसानों से किए गए वादों को पूरा न करके उनके साथ धोखा किया है. किसानों के नेता और एआईकेएस सचिव राजू देसले ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "किसानों ने पूरे कर्ज और बिजली बिल माफी के अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग रखी है. हम चाहते हैं कि सरकार विकास, हाईवे और बुलेट ट्रेन के नाम पर जबर्दस्ती किसानों की जमीन छीनना बंद कर दे."

उन्होंने कहा, "पिछले साल राज्य की बीजेपी सरकार ने सशर्त किसानों का 34 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफी करने का एलान किया था. इसके बाद जून से अब तक 1753 किसानों ने खुदकुशी कर ली है. फसलों के सही दाम न मिलने से भी किसान नाराज है. सरकार ने हाल के बजट में भी किसानों को एमएसपी का तोहफा दिया था, लेकिन कुछ संगठनों का मानना था कि केंद्र सरकार की एमएसपी की योजना महज दिखावा है."

First published: 12 March 2018, 8:44 IST
 
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