Home » इंडिया » maharashtra govt going to supreme court on german bakery
 

जर्मन बेकरी ब्लास्ट: हिमायत बेग को सजा-ए-मौत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
(पीटीआई)

पुणे के जर्मन बेकरी ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी. फड़नवीस सरकार, सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने जा रही है, जिसमें कोर्ट ने 2010 के ब्लास्ट केस में मिर्जा हिमायत बेग को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

अब महाराष्ट्र सरकार इस अपराध के लिए बेग की उम्रकैद की सजा को फांसी की सजा में तब्दील करने की मांग करेगी. सरकार की ओर से दायर याचिका में हाई कोर्ट के 17 मार्च 2016 के फैसले को चुनौती दी जा रही है.

बेग को गैरकानूनी क्रियाकलाप भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120 बी सहित कई धाराओं के तहत गंभीर आरोपों से बरी किया गया था.

हाई कोर्ट ने बेग को भारतीय दंड संहिता की धारा 474 और विस्फोटक सामग्री अधिनियम की धारा 5 बी के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया था. प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिदीन का कथित सदस्य बेग सितंबर 2010 में महाराष्ट्र के लातूर से गिरफ्तार किया गया था.

आतंकी में 17 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 58 लोग घायल हुए थे. घायलों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे.

इस मामले में एकमात्र अभियुक्त मिर्जा हिमायत बेग को 2013 में निचली अदालत ने फांसी की सजा दी थी. जिसे बॉम्बे हाई कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था.

First published: 1 July 2016, 1:40 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी