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महाराष्ट्र: रायगढ़ पुल हादसे की न्यायिक जांच के आदेश, 4 शव बरामद

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 August 2016, 15:20 IST
(एएनआई)

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड़ में हुए पुल हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं. मंगलवार रात को भारी बारिश के बाद सावित्री नदी के बाढ़ की चपेट में आने से यहां ब्रिटिशकालीन पुल ढह गया था.

वहीं इस हादसे में दो बस और तीन गाड़ियां भी बह गई थीं. नदी के बहाव में 22 लोग लापता बताए जा रहे हैं. इस बीच लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. 

आईआईटी की टीम भेजी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने विधानसभा में कहा कि पुल हादसे की न्यायिक जांच की जाएगी. इसके साथ ही प्राथमिक वजह की जांच के लिए आईआईटी की एक टीम भेजी गई है.

इस बीच बचाव कार्यों में जुटी एनडीआरएफ की एक बोट पलट गई. हालांकि गनीमत यह रही कि इस दौरान एनडीआरएफ के जवानों ने बोट को सीधा किया और लोगों को बचाया.

पढ़ें: रायगढ़: मुंबई-गोवा हाईवे पर ब्रिटिशकालीन पुल टूटा, दो बसों के 22 यात्री लापता

लापता लोगों के तलाशी अभियान के दौरान अब तक चार शव मिल चुके हैं, लेकिन इनकी पहचान और इसी हादसे से कनेक्शन होने की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है.

महाड़ पुल हादसे की जगह से तकरीबन 150 किलोमीटर दूर रत्नागिरी में आंजर्ला समुद्र किनारे एक शव मिला है. शव के शरीर पर खाकी वर्दी है. लोगों का अनुमान है कि यह शव पुल के साथ बही बस के ड्राइवर का हो सकता है.इससे पहले बुधवार को दो शव बरामद हुए थे.

समुद्र किनारे दो शव बरामद

वहीं महाड़ पुल से 100 किलोमीटर दूर हरि हरेश्वर समुद्र किनारे भी एक शव मिला है. यह शव एक महिला का है. महाबलेश्वर में निकलने वाली सावित्री नदी महाड़ होते हुए हरि हरेश्वर में समुद्र में जाकर मिलती है. ऐसे में अनुमान है कि दोनों ही शव पुल हादसे में बहे वाहनो में सवार लोगों के हो सकते हैं. 

इस बीच बस और बाकी वाहनों की तलाश में सेना के गोताखोर भी जुट चुके हैं. वाहनों का पता लगाने के लिए एनडीआरएफ ने एक बड़ा लौह चुम्बक पानी के नीचे डाल कर पता करने की कोशिश की थी. इससे अगर बस या कारें पानी में नीचे पड़ी होंगी तो उनका पता लग जाएगा. 

एनडीआरएफ का अभियान जारी

एनडीआरएफ अफसरों का कहना है कि लौह चुम्बक पुल के पास जमीन में किसी वस्तु से चिपका है या फिर मिट्टी या पत्थरों में फंस गया है. छोटी क्रेन से वह निकल नहीं रहा. दो बड़ी हाई पावर क्रेन मंगाई गई हैं. 

इस बीच एनडीआरएफ के गोताखोरों की टीमें डिंगी और रबर की नाव के जरिये तलाशी अभियान में फिर से जुट रही हैं. स्थानीय प्रशासन के साथ ही गांव वाले भी इसमें मदद कर रहे हैं.

इस हादसे में बही बस में मुंबई के नालासोपारा का भी एक परिवार सवार था. वह जयगढ़ में अपने बुजुर्ग पिता के अंतिम संस्कार के बाद वापस लौट रहे थे. बताया जा रहा है कि इस बस से 5 लोग मुंबई आ रहे थे, लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल सका है.

First published: 4 August 2016, 15:20 IST
 
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