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डिप्टी CM बनने के 48 में अजित पवार के खिलाफ सिंचाई घोटाले के केस बंद : कांग्रेस

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 November 2019, 18:32 IST

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को सिंचाई घोटाले से संबंधित कुछ मामलों को बंद कर दिया है. इस घोटाले में महाराष्ट्र के नए डिप्टी सीएम अजित पवार का नाम भी शामिल है.  हालांकि एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये इन मामलों में अभी अजित पवार को क्लीन चिट नहीं मिली है.  दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के 48 घंटे बाद शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के खिलाफ सिंचाई घोटाले से सम्बंधित कुछ मामलों को बंद कर दिया गया है. लगभग 70,000 करोड़ रुपये का यह घोटाला कांग्रेस-एनसीपी के शासन के दौरान महाराष्ट्र में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के अनुमोदन और निष्पादन में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से संबंधित है.

अजीत पवार NCP के उन मंत्रियों में से थे, जो महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के शासन के दौरान 1999 से 2014 के बीच अलग-अलग समय पर सिंचाई विभाग के प्रभारी थे. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 10.30 बजे तक कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था. जिसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाने के खिलाफ शिकायत की गई थी. कहा जा रहा है कि जस्टिस एनवी रमना, अशोक भूषण और संजीव खन्ना की खंडपीठ ने इस मामले में फ्लोर टेस्ट आयोजित करने के आदेश को पारित कर सकते हैं.

महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक, परमबीर सिंह ने समाचार एजेंसी ANI को बताया ''हम सिंचाई घोटाले से जुड़े 3 हजार टेंडरों को लेकर हुई शिकायतों की जांच कर रहे हैं. ये रोजमर्रा की जांच है जो बंद हुई है. जिन मामलों में पहले से जांच चल रही है, वे आगे भी जारी रहेंगी.''

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों के मुताबिक ऐंटी करप्शन ब्‍यूरो का कहना है कि अजित पवार के खिलाफ नौ मामलों में जांच के लिए पर्याप्‍त सबूत नहीं थे. एसीबी का कहना है कि अगर कोर्ट जांच के आदेश देगा या कुछ नए सबूत सामने आते हैं तो हम जांच करने के लिए तैयार हैं.

इस मामले में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि ''बीजेपी-अजित पवार द्वारा महाराष्ट्र के प्रजातंत्र चीरहरण अध्याय की असलियत उजागर. एक नाजायज़ सरकार द्वारा ऐंटी करप्शन ब्‍यूरो को सब मुकदमे बंद करने का आदेश. खाएंगे और खिलाएंगे भी, क्योंकि यह ईमानदारी के लिए ज़ीरो टोलरेंस वाली सरकार है. मोदी है तो मुमकिन है.''

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First published: 25 November 2019, 16:56 IST
 
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