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इस बीमारी के शिकार थे महात्मा गांधी: कंट्रोल करने के लिए करते थे ये दो काम,अब शुरू हुई रिसर्च

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 September 2018, 18:00 IST
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को आजादी दिलाने के लिए कई पैदल यात्राएं की थी. माना जाता है कि स्वतंत्रता संग्राम को लेकर महात्मा गांधी ने जितनी पैदल यात्राएं की थी. उतने में वो दो बार धरती का चक्कर लगा सकते थे. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि महात्मा गांधी रोजाना औसतन करीब 18 किलोमीटर पैदल चला करते थे. अब उनकी इन पैदल यात्राओं को लेकर एक रिसर्च होने जा रही है. ये रिसर्च इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डॉक्टर्स की एक टीम करने जा रही है. 

डॉक्टर्स राष्ट्रपिता की पैदल यात्राओं को लेकर एक रिसर्च करने जा रहे हैं. डॉक्टर्स का मानना है कि महात्मा गांधी को हाइपरटेंशन नाम की बीमारी थी. वह पैदल चलकर इस बीमारी पर काबू पाते थे. इसके साथ ही पैदल चलने से राष्ट्रपिता को अपने स्वास्थ्य की कई समस्याओं को दूर करने में भी मदद मिली. रिसर्च करने जा रहे डॉक्टर्स का कहना है कि इसके जरिए हम लोगों को ये बताना चाहते हैं कि पैदल यात्रा करना एक बेहतर व्‍यायाम है और इसके माध्‍यम से बीपी को नियंत्र‍ित किया जा सकता है.

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मीडिया खबरों के मुताबिक, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के नवनियुक्‍त महानिदेशक बलराम भार्गव ने कुछ सप्ताह पहले गांधी संग्राहलय का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने गांधीजी के 1924 से 1948 के हेल्थ रिकॉर्ड से जुड़े कागजातों को लिया.  इन कागजातों से पता चलता है कि महात्मा गांधी को हाइपरटेंशन नाम की बीमारी थी.

राष्ट्रपिता की इस बीमारी के बारे में उनकी डॉक्टर सुशीला नायर के एक नोट से भी पता चलता है. इस नोट में सुशीला नायर ने लिखा है कि मार्च, 1939 में अनशन के तीसरे दिन उनका बीपी 180/110 mg/dL था. इसके अलावा मुंबई के डॉक्टर जीवराज मेहता ने महात्मा गांधी के वजन को लेकर सरदार वल्‍लभभाई पटेल को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने राष्ट्रपिता के वजन को 50 किलोग्राम तक रखने की बात कही थी.

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इतना ही नहीं इन रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि महात्मा गांधी अपने बीपी को कंट्रोल में रखने के लिए आयुर्वेदिक दवा 'सर्पगंधा' का इस्तेमाल किया करते थे. इन्ही कागजातों के आधार पर ICMR ने महात्मा गांधी की पैदल यात्राओं को लेकर एक रिसर्च करने की योजना बनाई है.

महात्मा गांधी संग्रहालय में निदेशक ए अन्‍नामलाई का कहना है कि गांधीजी के स्वास्थ्य पर एक रिसर्च पेपर लाने की तैयारी है. जल्द ही इस रिसर्च पेपर को इंडियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल रिसर्च के विशेष अंक में प्रकाशित किया जाएगा. यह अंक महात्मा गांधी के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर निकाला जाएगा.

First published: 13 September 2018, 15:45 IST
 
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