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यासीन मलिक की गिरफ्तारी पर भड़की महबूबा, कहा- आप विचारों को कैद नहीं कर सकते

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 February 2019, 12:58 IST

जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेता यासीन मलिक की गिरफ़्तारी को राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सही कदम नहीं मानती हैं. महबूबा मुफ्ती ने इस गिरफ्तारी पर ट्विटर के जरिये सवाल उठाये हैं.  उन्होंने कहा 'पिछले 24 घंटों में हुर्रियत नेताओं और जमात संगठन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. ऐसे मनमाने कदम को समझने में विफल हूं, जो केवल जम्मू-कश्मीर में मामलों को सुलझाएगी. किस कानूनी आधार के तहत उनकी गिरफ्तारी जायज है? आप सिर्फ किसी व्यक्ति को कैद कर सकते हैं, लेकिन उसके विचारों को नहीं.'

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार शाम को अलगाववादी नेता यासीन मलिक के साथ-साथ घाटी के कई हिस्सों में जमात-ए-इस्लामी (JeI) के दर्जनों नेताओं को हिरासत में ले लिया. सरकार ने यह कदम तब उठाया है जब केंद्र ने राज्य में अर्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती का आदेश दिया गया है. अनुच्छेद 35A पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है.

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने जेआईआई नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की और कहा कि कश्मीरियों के खिलाफ इस तरह के उपाय जमीन पर वास्तविकताओं को नहीं बदलेंगे. फारूक ने कहा, "बल और धमकाने से स्थिति खराब होगी." इस बीच पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने सरकार को चेतावनी दी कि हुर्रियत नेताओं को गिरफ्तार करने से रोका जाए इससे घाटी के हालात बिगड़ेंगे.

 नेशनल कॉन्फ्रेंस और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी. मलिक की गिरफ्तारी को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली संविधान की धारा 35-A पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. इस सुनवाई के दौरान कश्मीर में अगवाववादियों द्वारा हंगामें की आशंका जताई जा रही है.

जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट के बाद अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियां तैनात, यासीन मलिक गिरफ्तार

First published: 23 February 2019, 12:08 IST
 
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