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यूपी: महोबा में चट्टान खिसकने से 5 मजदूरों की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2016, 16:41 IST
(पत्रिका)

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के महोबा ज़िले में शुक्रवार को गौरा पत्थर की एक खदान में चट्टान खिसकने से पांच मजदूरों की मौत हो गई. जिला प्रशासन ने मरने वाले मजदूरों के परिवार को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है.

शुक्रवार को महोबा जिले के चरखारी तहसील के गौरहारी गांव की खदान में सुबह करीब छह बजे कुछ मजदूर काम के लिए खदान में 200 फीट नीचे उतरे थे. तभी गहरी खदान में एक बड़ी चट्टान नीचे खिसक गई. इस दौरान पांचों मजदूर उसके नीचे दब गए.

घटना के बाद महोबा के जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह समेत तमाम अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए. 

जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य के दौरान पांच मजदूरों के शव बाहर निकाल लिए हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है. घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है और ग्रामीणों ने डीएम का घेराव भी किया. किसी अनहोनी की आशंका से प्रशासन ने इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि गौरहारी की डायस फोर पैराफलाइट-गौरा पत्थर खदान में सुबह कुछ मजदूर काम कर रहे थे. इसी बीच खदान की एक चट्टान अचानक ढह गई, जिससे उसमें काम कर रहे गोविन्द दास, भागीरथ, भानु प्रताप, मकुन्दा और बारेलाल की मलबे में दबकर मौत हो गई. गौरा पत्थर से टेल्कम पाउडर और मूर्तियां बनाने का काम होता है.

सिंह ने बताया कि पांचों शव मलबे से बाहर निकाले जा चुके है. फिलहाल निकाले गए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. कुछ और मजदूरों के दबे होने की आशंका के चलते मशीनों के जरिये मलबे को हटाया जा रहा है. दुर्घटना के समय मौके पर 12 मजदूर काम कर रहे थे. 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में पट्टा धारक माधो प्रसाद धरनीधर के संचालक देवेन्द्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. हादसे के बाद वह फरार हो गया है. इससे पहले भी महोबा के कबरई में कई मजदूरों की खदान हादसों में मौत हो चुकी है.

First published: 28 May 2016, 16:41 IST
 
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