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आगरा: कीठम सेंचुरी में आग से हजारों जीव जिंदा जले

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 April 2016, 13:45 IST

आगरा में थाना सिकंदरा के सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम) के जंगल में हाई वोल्टेज बिजली का तार गिरने से शुक्रवार रात भीषण आग लग गई. आग की चपेट में आकर अजगर, चीतल, कोबरा जैसे सैकड़ों जंतु और पक्षी जलकर खाक हो गए. 

पक्षी विहार के करीब 3 किलोमीटर क्षेत्र में फैली आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

हाई वोल्टेज तार गिरने से हादसा


बताया जा रहा है कि आगरा-मथुरा हाईवे के पास कीठम सेंचुरी में 11000 वोल्ट की बिजली लाइन के तार टूटकर नीचे गिरने से आग लग गई. जंगल में लगी आग ने जल्द ही बड़े इलाके को अपने दायरे में ले लिया.

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इस दौरान अजगर, चीतल, नील गाय, शेही, चींटीखोर, सांप और खरगोश जैसे सैकड़ों जीव-जन्तु आग में जलकर मर गए. रातभर जंगल घायल पशु-पक्षियों की चीत्कार से गंजता रहा.

रात करीब 11 बजे तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी और करीब 3 किमी क्षेत्र में फैल गई. देर रात करीब तीन बजे फायर ब्रिगेड की टीम कड़े संघर्ष के बाद आग पर काबू पा सकी.

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भालू संरक्षण गृह सुरक्षित


कीठम के जंगल में आग लगने से भालुओं के संरक्षण गृह को कोई नुकसान नहीं हुआ है.  कीठम मे देश का सबसे बड़ा भालू संरक्षण गृह है, जहां 210 भालू रहते हैं.

कीठम के जंगल में पांच साल में दर्जन भर बार आग लग चुकी है. पांच बार आग शॉर्ट सर्किट से लगी है. वन विभाग का कहना है कि आग से नुकसान की रिपोर्ट बिजली विभाग को भेज दी जाती है, लेकिन बिजली विभाग ने आज तक कोई मदद नहीं की.

1991 में राष्ट्रीय पक्षी उद्यान घोषित


सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम) आगरा से करीब 22 किलोमीटर दूर रुनकता नाम के गांव में पड़ता है. उत्तर प्रदेश वन विभाग ने मार्च 1991 में इसे राष्ट्रीय पक्षी उद्यान घोषित किया गया था. इसका क्षेत्रफल 403.09 हेक्टेयर है.

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पक्षी विहार में चिड़ियों की 222 प्रजातियां, 229 प्रजातियों के पौधे, कछुए की सात प्रजातियां, सांपों की 15 प्रजातियां, नौ प्रकार के स्तनधारी और कई अन्य जीव-जन्तु थे, लेकिन हादसे के बाद अब इनमें से बहुत कम के बचने की उम्मीद है.

1998 के बाद से इस क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण होने से सूर सरोवर पक्षी विहार का अस्तित्व खतरे में है.

First published: 30 April 2016, 13:45 IST
 
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