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भारत लौटने के लिए विजय माल्या ने रखी दो शर्तें

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2016, 13:06 IST

एसबीआई समेत 17 बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपये के कर्जदार शराब कारोबारी विजय माल्या भारत लौटने को तैयार हैं. लेकिन माल्या ने इसके लिए सरकार के सामने दो शर्तें रखी हैं. विजय माल्या को भारत में सुरक्षा और आजादी चाहिए.

शराब कारोबारी माल्या का कहना है कि वह एसबीआई को नया सेटलमेंट ऑफर भी दे चुके हैं. विजय माल्या को उम्मीद है कि एसबीआई इस मामले में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगा.

यह जानकारी यूनाइटेड ब्रेवरीज लिमिटेड(यूबीएल) की बोर्ड मीटिंग में शामिल हुए लोगों ने दी है. इस मीटिंग में माल्या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए थे. यूबी समूह की यह बोर्ड मीटिंग शुक्रवार को हुई थी. इसमें शामिल बोर्ड सदस्यों ने बताया कि यूबीएल के चेयरमैन को बोर्ड और पार्टनर हैनिकेन का भी समर्थन प्राप्त है.

गौरतलब है कि विजय माल्या पिछले दो महीने से ब्रिटेन में है. वह बीते दो मार्च को लंदन चले गए थे. वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एनआरआई विजय माल्या को  ब्रिटेन से भारत लाना चाहता है.

सुरक्षा-आजादी की मांगी गारंटी


बायोकॉन की एमडी और स्वतंत्र बोर्ड सदस्य किरण शॉ ने इस मामले में बताया कि हमारी माल्या से कई मसलों पर बात हुई. किरण से विजय माल्या की बैंकों के कर्जे चुकाने को लेकर गंभीर बात हुई है. वह जल्द सारा कर्ज चुका देंगे.

माल्या सभी सवालों का जवाब देने के लिए भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन वह सरकार से अपनी सुरक्षा और आजादी का भरोसा भी चाहते हैं.

एक और स्वतंत्र बोर्ड सदस्य सुनील के मुताबिक माल्या बैंकों के साथ गंभीरता से बातचीत कर रहे हैं. विजय माल्या ने हमसे कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं. वह बैंकों का कर्ज चुकाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं.

इस मामले में पूरा बोर्ड उनके साथ खड़ा है. बोर्ड इसे कोई कॉरपोरेट गवर्नेंस का मसला नहीं मान रहा है. अगस्त में होने वाली अगली बोर्ड मीटिंग तक इस मामले पर नजर रखी जाएगी. 

यूबी ग्रुप को हैनिकेन का समर्थन


विजय माल्या को उनका ग्रुप यूबीएल और स्ट्रैटजिक पार्टनर हैनिकेन पूरा समर्थन कर रहा है. वहीं एक अन्य बोर्ड मेंबर सीवीआई पाल ने बताया कि विजय माल्या किंगफिशर के कर्मचारियों का बकाया पेमेंट देने को राजी हैं.

माल्या के मुताबिक इस मामले में देरी की वजह कर्नाटक हाईकोर्ट का यूनाइटेड ब्रेवरीज के खाते और संपत्ति को फ्रीज करना है. इसके साथ यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि हैनिकेन यूबीएल का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगा और माल्या को इसके चेयरमैन के पद को छोड़ने के लिए राजी भी कर लेगा.

हैनिकेन हॉलैंड की बीयर निर्मता कंपनी है. हैनिकेन के एक स्थानीय निवेश बैंक जेएम फाइनेंस को ओपन मार्केट से शेयर खरीदने के लिए नियुक्त किया था.

इसके लिए उसने 179 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. इस साल मार्च में हैनिकेन ने ईसीएल फाइनेंस और यस बैंक से यूबीएल के शेयर खरीदे थे.

First published: 16 May 2016, 13:06 IST
 
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