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ममता बनर्जी ने सिंगूर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सराहा, बताया ‘ऐतिहासिक जीत’

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 September 2016, 15:17 IST
(कैच)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने सिंगूर भूमि अधिग्रहण मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जमकर सराहना की है.

सीएम ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में पत्रकारों से कहा, "सिंगूर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक जीत है. इस फैसले के लिये हमने 10 साल प्रतीक्षा की है. अब मैं चैन से मर सकूंगी, मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं."

तृणमूल कांग्रेस की ओर से एक बयान जारी करके कहा गया है कि कि यह भूमि अधिग्रहण के इस तरह के सभी मामलों में नजीर फैसला होगा.

कोर्ट के फैसले की प्रशंसा करते हुए तृणमूल कांग्रेस के एमपी कल्याण बंदोपाध्याय ने कहा, "यह एक लंबी राजनैतिक और कानूनी लड़ाई है, जिसे हम जनहित में लड़ रहे हैं. मुझे खुशी है क्योंकि यह फैसला सभी तरह के भूमि अधिग्रहण के संबंध में आंखें खोलने जा रहा है."

तृणमूल कांग्रेस की ओर से बंदोपाध्याय ने ही टाटा के खिलाफ कानूनी लड़ाई की अगुवाई की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसके तहत पश्चिम बंगाल के सिंगुर में टाटा के नैनो संयंत्र के लिए भूमि अधिग्रहण को बरकरार रखा गया था.

बंदोपाध्याय ने कहा, "हमारी नेता ममता बनर्जी अवैध भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 26 दिनों तक अनशन पर थीं."

ममता बनर्जी ने इस भूमि अधिग्रहण के खिलाफ बड़ा राजनीतिक अभियान चलाया था जिसके चलते टाटा समूह को 2008 में अपनी इस परियोजना को छोड़ना पड़ा.

ममता ने कहा कि उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार किसानों को उनकी जमीन लौटाने के लिये जल्द ही व्यवस्था करेगी.

वहीं टाटा मोटर्स ने कहा है कि सिंगूर पर कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी करने से पहले वह इसका विस्तृत अध्ययन करेगी.

गौरतलब है कि तत्कालीन बुद्धदेव भट्टाचार्य की वाम मोर्चा सरकार ने टाटा की नैनो कार परियोजना के लिये सिंगूर में भूमि अधिग्रहण किया था.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टाटा मोटर्स का कहना है कि वह कोई भी टिप्पणी फैसले का अध्ययन करने के बाद करेगा.

सिंगूर में टाटा मोटर के प्लांट के लिए जमीन के ‘जबरन’ अधिग्रहण के लिए माकपा ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है. इस मामले में पार्टी के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि भूमि का अधिग्रहण 1894 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार था.

First published: 1 September 2016, 15:17 IST
 
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