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सिंगूर में किसानों की ज़मीन वापस, ममता ने आलू के पहले बीज बोए

सुलग्ना सेनगुप्ता | Updated on: 23 October 2016, 7:09 IST
(अशोक भौमिक/पीटीआई )
QUICK PILL
  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिंगूर के किसानों को उनकी जमीन लौटाने का वादा 10 साल बाद पूरा होता दिख रहा है.
  • 20 अक्टूबर को ममता ने सिंगूर के गोपालनगर गांव में सरसों और आलू के बीज बोए. 
  • अब 997-11 एकड़ जमीन में से 931 एकड़ जमीन फिर से उपजाऊ हो गई है. 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिंगूर के किसानों को उनकी जमीन लौटाने का वादा 10 साल बाद पूरा होता दिख रहा है.

20 अक्टूबर को ममता ने सिंगूर के गोपालनगर गांव में सरसों और आलू के बीज बोए. 

अब 997-11 एकड़ जमीन में से 931 एकड़ जमीन फिर से उपजाऊ हो गई है. 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में करीब 2216 किसानों को 103 एकड़ जमीन का कब्जा दे दिया गया है. ममता बनर्जी ने वादा किया कि 65 एकड़ जमीन पर भी काम में तेजी लाई जाएगी, जहां कंक्रीट का जंगल उग आया है. सुप्रीम कोर्ट के 12 हफ्ते का समय दिए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने अधिकारियों को हुक्म दिया है कि 8 नवम्बर तक उस जमीन पर भी काम पूरा कर लिया जाए. 

काफी मुश्किल है काम

इस जगह से अभी तक टाटा का शेड नहीं हटाया गया है. पूरे क्षेत्र में 66 इमारतें हैं, जिनमें से 24 निर्माणाधीन हैं और 32 पूरी तरह बन चुकी हैं. साथ ही 25 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क है. इसी वजह से यहां जमीन को फिर से कृषि योग्य बनाने में कुछ वक्त लगेगा. 

ममता बनर्जी ने हालांकि इस काम को पूरा करने के लिए अच्छी खासी टास्क फोर्स लगा दी है लेकिन जिला अधिकारियों का कहना है कि दिए गए वक्त में इस जमीन को दोबारा कृषि भूमि में बदलने का काम काफी मुश्किल है. 

जिला अधिकारियों का कहना है कि दिए गए वक्त में इस जमीन को दोबारा कृषि भूमि में बदलने का काम काफी मुश्किल है

ममता ने यह भी वादा किया कि सिंगूर आंदोलन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए सिंगूर में एक स्मारक बनाया जाएगा और यहां तापसी मलिक और राजकुमार बल के स्मारक लगाए जाएंगे. ममता ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि लंबे संघर्ष के बाद मैं किसानों को उनकी जमीन लौटा रही हूं. सिंगूर ने दुनिया के सामने मिसाल कायम की है. 

पूरे दस साल लगे

दस साल पहले 26 नवम्बर 2006 को ममता बनर्जी और उनके साथ विपक्ष के एक नेता ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विरोध की शुरूआत करते हुए सिंगूर में आलू के बीज बोए थे. 

सरकारी अधिकारियों से जुटाए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, 931 एकड़ जमीन में 298 प्लॉटों की पहचान कर ली गई है. किसानों के बीच 10 हज़ार से ज़्यादा पर्चे पहले ही बांटे जा चुके हैं और अब भी 2300 की पुष्टि होनी बाकी है. 

लंबी चली लड़ाई

ममता बनर्जी ने लेफ्ट फ्रंट की पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उस वक्त सरकार ने भूमिहीन किसानों को चेक बांटे थे.  सिंगूर में जमीनों की पहचान करते वक्त हुई जांच में ऐसा पता चला है. 

ममता ने कहा, मैंने सिंगूर आंदोलन के दौरान ही बताया था कि पिछली सरकार ने उस वक्त ऐसे लोगों को चेक बांट दिए थे, जो जमीन के मालिक नहीं थे. अब जांच में उनके कारनामों का खुलासा हो गया है. 

31 अगस्त को दिए गए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सिंगूर में टाटा के नैनो प्रोजेक्ट के लिए किए गए जमीन अधिग्रहण को खारिज करते हुए राज्य सरकार को 12 हफ्ते के भीतर किसानों की जमीन लौटाने का आदेश दिया था. इसी आदेश के अनुसार ममता ने किसानों को जमीन लौटाने की समयसीमा 10 नवम्बर तक काम पूरा करने का आदेश दिया है. 

First published: 23 October 2016, 7:09 IST
 
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