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ममता vs CBI: क्या है शारदा चिटफंड घोटाला, जानें क्यों भिड़ी सीबीआई और कोलकाता पुलिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2019, 10:07 IST

कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गयी हैं. बता दें, इस तकरार की शुरुआत रविवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) के कोलकता के पुलिस कमिश्नर के घर जांच के लिए पहुंचने से हुई. यहां पर सीबीआई अधिकारी पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने के लिए उनके आवास पहुंच गए. कमिश्नर के आवास में घुसने के लिए स्थानीय पुलिस ने सीबीआई से सर्च वारंट की मांग की जिसको लेकर ही दोनों के बीच मामला गरमा गया.

बता दें, सीबीआई पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर शारदा चिटफंड घोटाले की जांच सिलसिले में पूछताछ करने पहुंची थी. आपको बता दें, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते साल 2018 में सीबीआई को दी गई 'सामान्य रजामंदी' वापस ले ली थी. ममता बनर्जी ने सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी सरकार पर देश की सर्वोच्च एजेंसी सीबीआई के दुरूपयोग करने का आरोप लगाया था. ममता सरकार की इस अधिसूचना के बाद सीबीआई को अब से अदालत के आदेश के अलावा राज्य में किसी तरह की जांच करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी.

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क्या है शारदा चिटफंड घोटाला

शारदा चिटफंड घोटाला पश्चिम बंगाल के एक बड़ा आर्थिक घोटाला है. इस स्कैम में राज्य के कई बड़े नेताओं पर इस घोटाले में शामिल होने का आरोप है. बता दें, पश्चिम बंगाल की एक चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप ने कई आकर्षक ऑफर देकर आम लोगों को लुभाया था. निवेश किये पैसे के 34 गुना लौटाने का देकर इस कंपनी ने लोगों से ठगी की थी.

जानकार के अनुसार इस स्कैम में तकरीबन 40 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था. इस मामले में साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया था. वहीं शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम पुलिस को भी ये आदेश दिया था कि वो इस मामले की जांच करने में सीबीआई का सहयोग करें.

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2008 में स्थापित हुई ये ये कंपनी बहुत ही कम समय में हजारों करोड़ के मुनाफे में आयी थी. इस कंपनी के मालिक सुदिप्तो सेन पर ये आरोप लगे थे कि राजनीति में प्रतिष्ठा और शक्ति पाने के लिए इस कंपनी ने मीडिया में खूब पैसे लगाए इसके साथ ही उसने राज्य के हर पार्टी के बड़े नेताओं से अच्छी पहचान बनाई.

पुलिस कमिशनर राजीव का क्यों आया नाम ?
इस घोटाले में सीबीआई जांच के दायरे में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार भी हैं. बता दें, राजीव कुमार शारदा चिटफंड स्कैम की जांच करने के लिए गठित हुई एसआईटी (SIT) के अगुवाई कर रहे थे. वहीं ये भी कहा जाता है कि इस जांच के दौरान भी घोटाला हुआ था. इस मामले में जांच के लिए 2013 में गठित की गई एसआईटी की जांच के दौरान कई जरुरी फाइलें गायब हो गयी थी. अब पुलिस कमिशनर राजीव कुमार से इन्हीं फाइलों के बारे में पूछताछ करना चाहती है.

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First published: 4 February 2019, 10:07 IST
 
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