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सिंगूरः ममता का नया सुर, टाटा को सरकारी जमीन पर काम का न्यौता

सुलग्ना सेनगुप्ता | Updated on: 16 September 2016, 7:54 IST
QUICK PILL
  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दस साल पहले जिस टाटा मोटर्स को सिंगूर से निकाल बाहर करने के लिए आंदोलन छेड़ा था, वही ममता अब टाटा मोटर्स को एक बार फिर पश्चिम बंगाल में निवेश का न्यौता दे रही हैं. 
  • 14 सितम्बर को ममता ने टाटा को एक बार फिर बंगाल में निवेश करने के लिए न्यौता देते हुए कम्पनी को पश्चिमी मिदनापुर जिले के गोलटोर में 1000 एकड़ की सरकारी जमीन देने का प्रस्ताव दिया.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दस साल पहले जिस टाटा मोटर्स को सिंगूर से निकाल बाहर करने के लिए आंदोलन छेड़ा था, वही ममता अब टाटा मोटर्स को एक बार फिर पश्चिम बंगाल में निवेश का न्यौता दे रही हैं. 14 सितम्बर को ममता ने टाटा को एक बार फिर बंगाल में निवेश करने के लिए न्यौता देते हुए कम्पनी को पश्चिमी मिदनापुर जिले के गोलटोर में 1000 एकड़ की सरकारी जमीन देने का प्रस्ताव दिया.

सिंगूर विजय दिवस कार्यक्रम पर उपस्थित भीड़ को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, ‘टाटा बाबू सिंगूर में अपनी फैक्ट्री खोलने की आपकी जिद के बदले मैं आपके सामने इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रख रही हूं. अब मैं आपको दो महीने का समय दे रही हूं. आप गोलटोर में आकर अपनी ऑटोमोबाइल निर्माण कम्पनी खोल सकते हैं, जहां सरकार आपको 1,000 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाएगी.’

साथ ही ममता ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी कम्पनी को सरकारी भूमि के अलावा और कहीं भी उद्योग लगाने की अनुमति नहीं देंगी.

सरकार के भूमि बैंक और उसके उपयोग की रूपरेखा पर बात करते हुए ममता ने कहा, बर्दवान में पानागढ़ में 300 एकड़, गोलटोर और खड़गपुर में 1,000 एकड़ सरकारी जमीन है. उन्होंने बीएमडब्लू को भी यहां सरकारी जमीनों पर फैक्ट्री लगाने का निमंत्रण दिया.

गुरुवार 15 सितम्बर को बनर्जी ने कहा, राज्य सरकार टाटा समूह के साथ एक एमओयू साइन करेगा. यह एमओयू युवाओं के लिए कौशल विकास और और औद्याोगिक प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित होगा. पंचायत और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में राज्य सरकार के साथ टाटा समूह के पहले ही कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं.

चूंकि टाटा के शेड समेत बाकी उपकरण अभी सिंगूर में ही पड़े हैं, बनर्जी ने कहा, ‘ये उपकरण और सामग्री पास ही स्थित 12एकड़ की जमीन पर रखे जा सकते हैं, जो कि पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम की जमीन है.

किसानों की चिंता

ममता को किसानों के फिर से खेती पर लौटने की चिंता है, जो इस समारोह में साफ झलक रही थी. ममता ने बहुत सारी ऐसी योजनाओं की घोषणा की जो किसानों को अपनी भूमि उपजाऊ बनाने में सहायक सिद्ध हों. इनमें 1000 रुपए का आर्थिक अनुदान, पश्चिम बंगाल कृषि विपणन केंद्र के तहत एक सेंटर का निर्माण, जहां किसानों को 24 लाख रूपए तक का ऋण दिया जाएगा, बेहतर सिंचाई के लिए बांध बनाना और अपनी जमीन उपजाऊ बनाने के लिए किसानों को प्रशिक्षण देना शामिल है.

यह बहुत महत्वपूर्ण पहल है, क्योंकि सिंगूर के किसान बंटे हुए हैं. इनमें से कुछ यहां उद्योग लगाए जाने के पक्ष में हैं तो कुछ अपनी जमीन पर खेती की ओर लौटना चाहते हैं.

माकपा पर प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘सिंगूर में चार ट्यूबवेल थे, जिन्हें सीपीआई (एम) सरकार ने हटा दिया था. हम उनकी जगह बांध बनाएंगे ताकि किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवा सकेें.'

उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि ‘राज्य सरकार जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए हर संभव उपाय करेगी.’

जीत की खुशी

सिंगूर आंदोलन में जान गवां चुकी तापसी मलिक के पिता मनोरंजन मलिक ने राहत की सांस लेते हुए कहा, ‘अब मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी. ममता बनर्जी के लगातार आंदोलन के चलत ही आज सिंगूर में किसानों की जीत हुई है.'

सिंगूर के बेराबेरी में 10 कोटा जमीन की मालिक साहिबा बीवी कहती हैं, ‘हम खुश हैं कि हमें हमारी जमीन वापस मिल गई. अब हम चाहे जिस तरह इस जमीन का इस्तेमाल करें.’

पांच एकड़ जमीन के लिए 4.73 लाख का मुआवजा लेने वाले सिंगूर के ही गोपालनगर वासी जयंत नास्कर ने कहा, ‘हम दरअसल उद्योगों के खिलाफ नहीं हैं. हम उस तरीके के खिलाफ हैं, जिसके तहत जमीन छीनी गई. हमने अपने खेतों में धान उगाया था लेकिन तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने हमें धान काटने तक नहीं दिया और यह खराब हो गया.

इस बीच, ममता ने कहा, ‘मैंने वादा किया था कि मैं आपकी जमीन लौटाउंगी और मैंने वादा निभाया.’ अब से 14 सितम्बर का दिन सिंगूर विजय दिवस के रूप में मनाया जाएगा और सिंगूर मेमोरियल भी बनाया जाएगा.

मौजूदा हालात

जब तक जमीन उपजाऊ नहीं हो जाती अनिच्छुक किसान 2000 रूपए प्रतिमाह लेते रहेंगे. पश्चिम बंगाल की खाद्य साथी योजना के तहत सिंगूर के किसानों को प्रतिदिन 2 रुपए प्रति किलो चावल मिलेगा. किसानों को करीब 806 चेक और 9117 पर्चे बांट दिए गए हैं. अगर मुआवजों के लिए दावों में कोई अनियमितता पाई गई तो संबंधित पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी.

First published: 16 September 2016, 7:54 IST
 
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