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पेड़ काटने पर फूट-फूटकर रोने लगी बच्ची तो सरकार ने लिया ये फैसला

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 August 2019, 12:31 IST

पेड़-पौधों को इंसान का सबसे हितैषी माना जाता है, बावजूद इसके हर साल करोड़ों पेड़ों की बलि विकास के नाम पर दे दी जाती है. कुछ लोग  पर्यावरण को लेकर बहुत सचेत होते हैं और हर हाल में पेड़-पौधों को कटने से रोकते हैं. पेड़ पौधों के कटने पर उन्हें बेहद दर्द होता है. ऐसा ही कुछ किया मणिपुर की एक बच्ची के साथ. जब वह पेड़ों के काटे जाने पर जोर-जोर से रोने लगी.

उसके बाद मात्र नौ साल की इस बच्ची को मणिपुर सरकार ने राज्य की 'ग्नीन मणिपुर मिशन' की एम्बेसडर बना दियादरअसल, नौ साल की बच्ची एलंगबाम वेलेंतिना को मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने मणिपुर की 'ग्रीन मणिपुर मिशन' एम्बेसडर बनाया है. इस बच्ची का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह पेड़ काटने को लेकर रोती दिखाई दे रही है. इस वीडियो को जब मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने देखा तो उन्होंने बच्ची को ग्रीन एंबेसडर बनाने का फैसला लिया.


बता दें कि नौ साल की बच्ची एलंगबाम वेलेंतिना अभी पांचवी क्लास में पढ़ती है. वेलेंगबाम ने चार साल पहले अपने घर से लगी सड़क के किनारे दो पौधे लगाए थे. वेलेंतिना इन पौधों को रोजाना पानी देती और इनरी देखभाल करती. चार साल में ये पौधे फल-फूल कर बड़े हो गए और इन्होंने पैड़ों का रूप ले लिया. हाल ही में जब इस सड़क को चौड़ा करने के काटा जाने लगा तो वेलेंतिना को बहुत दुख हुआ.

एक दिन जब वेलेंतिना स्कूल से घर लौटी तो उसने पेड़ों को कटा पाया. उसके बाद वेलेंतिना ने रोना शुरु कर दिया. बच्ची का पेड़ों के लिए रोना देख किसी ने उसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया. जिसके बाद यह वीडियो मुख्यमंत्री तक पहुंचा.

जब सीएम ने इस वीडियो को देखा तो वेलेंतिना का प्रकृति के साथ लगाव देखकर हैरान रह गए. उसके बाद सीएम ने बच्ची को ग्रीन एम्बेसडर बनाने का फैसला लिया. अब वो राज्य सरकार के ग्रीन मणिपुर मिशन की एम्बेसडर हैं. बेटी को ग्रीन एंबेसडर बनाए जाने पर उसके पिता एलंगबाम प्रेमकुमार और मां एलंगबाम शाया बेहद खुश हैं. मां का कहना है कि मेरी बेटी को सरकार द्वारा दिए गए सम्मान के लिए हम आभारी हैं.

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First published: 10 August 2019, 12:12 IST
 
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