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आरएसएस: सरकारी नौकरी में स्वयंसेवकों पर प्रतिबंध वाला सर्कुलर हटे

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 June 2016, 12:19 IST
(एएनआई)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 1966 के उस सर्कुलर को, जिसमें संघ या ऐसे किसी अन्य संगठन से जुड़े लोगों को नौकरी नहीं देने की बात कही गई थी, उसे राजस्थान सरकार के द्वारा बदले जाने पर खुशी जताई है.

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉक्टर मनमोहन वैद्य ने कहा कि कई मामलों में कोर्ट ने सरकार के उस सर्कुलर को असंवैधानिक करार दिया है. वैद्य ने कहा कि संघ के कार्यक्रम में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने या स्वयंसेवकों को सरकारी नौकरी मिलने पर पाबंदी लगाया जाना पूरी तरह से गलत है.

उन्होंने कहा कि आरएसएस, सरकारी तरीके से या उसकी मदद से नहीं चलता. हमारा हर काम आम लोगों के लिए, आम लोगों के साथ और आम लोगों की ओर से चलाया जाता है.

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख ने कहा कि ऐसा सर्कुलर जारी करते वक्त सरकारों ने संघ के स्वयंसेवकों के मनोबल को गिराने की कोशिश की थी, जो सर्वथा गलत था. इसके बावजूद संघ ने बहुत अच्छे से जनकल्याण का कार्य किया. केंद्र सरकार इस सर्कुलर को तुरंत हटाए.

गौरतलब है कि अभी बीते दिनों गोवा में केंद्र सरकार के एक विभाग में 1966 के सर्कुलर की वजह से नए नियुक्त किए गए कर्मचारियों से शपथ पत्र मांगा गया था कि वे आरएसएस या जमात से जुड़े तो नहीं हैं?

इसके तुरंत बाद राजस्थान में कस्टम विभाग की ओर से नियुक्ति में संघ से न जुड़े होने का घोषणापत्र मांगने के बाद मामले ने ज्यादा ही तूल पकड़ लिया. राज्य की वसुंधरा राजे सरकार ने फैसला लिया है कि 1966 के सर्कुलर को वापस लिया जाएगा.

वहीं इस मामले में केंद्रीय कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा वर्तमान में ऐसा कोई सर्कुलर नहीं जारी किया गया है. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर किसी पुराने सर्कुलर की वजह से यह विवाद उठा है, तो उसे दूर किया जाएगा.

जितेंद्र सिंह के इस बयान के बात माना जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस सर्कुलर को वापस ले लेगी.

First published: 11 June 2016, 12:19 IST
 
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