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मन की बातः सूखे पर चिंतित मोदी ने बोलीं यह 7 प्रमुख बातें

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 April 2016, 14:35 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 19वीं बार अपने मन की बात जनता के सामने रखी. इस दौरान उन्होंने देश में गहराते जलसंकट, सूखा, शिक्षा, सफाई, गैस सब्सिडी जैसे विषयों पर चिंता जाहिर करते हुए इससे निपटने के उपायों पर बात की. 

मौजूदा सूखा और जलसंकट की भयावहता के बीच रविवार को सबसे पहले उन्होंने इसी मुद्दे को उठाया और अपनी बात कही. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रविवार को की गई मन की बात में 7 प्रमुख बातेंः

  1. पानी के संकटों से निपटने के लिए सरकारें अपना काम कर रही हैं. लेकिन इसके लिए नागरिकों के प्रयासों की भी आवश्यकता है. सरकारों के साथ नागरिक भी अच्छा प्रयास करते हैं. 
  2. शुद्ध पानी देश का विकास तय करता है. शुद्ध पीने का पानी जीडीपी वृद्धि का कारण बन जाता है. इस बार 106 से 110 मिलीमीटर तक वर्षा की संभावना अपने साथ एक बहुत बड़ा शांति का संदेश लाई है.
  3. महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के हिवरे बाजार ग्राम पंचायत ने पानी की समस्या से निपटने के लिए क्रॉपिग पैटर्न को बदला और पानी ज्यादा उपयोग करने वाली फसलों को छोड़ने का फैसला लिया. पानी की बचत करने के लिए गन्ने की खेती छोड़ दी और कम पानी में पैदा होने वाले फल-सब्जियां उगाने शुरू कर दिए.
  4. जल संचय के प्रयास किए जाने चाहिए. बारिश के पानी को भी बचाने के लिए प्रयास होना चाहिए. इस बार अच्छे मानसून होने की खबर, ये अच्छी बात है. लेकिन यह एक चुनौती भी है कि कैसे हम फसलों की उत्पादकता को अधिकतम कर सकते हैं. 
  5. सकरार गंगा सफाई के लिए गंभीर प्रयास कर रही है. गंगा के लिए आज करोड़ों भागीरथों की जरूरत है. गंगा सफाई के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है. गंगा जीवनदायिनी है, वो हमें रोटी देती है. इसके लिए जनभागीदारी जरूरी है.
  6. अब शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का समय है. अब अच्छी और योग्य शिक्षा पर ध्यान देना होगा. स्कूलिंग से ज्यादा लर्निंग पर ध्यान देना होगा. बच्चों से स्कूल की गतिविधिययों पर खुलकर बात करें. शिक्षा के साथ स्किल का भी महत्व है. तकनीकों पर जोर दिया जाना चाहिए.
  7. मुझे गर्व है कि एक करोड़ परिवारों ने गैस सब्सिडी छोड़ी है. 80 फीसदी लोगों ने डिस्ट्रीब्यूटर के यहां कागज देकर सब्सिडी छोड़ी. इससे करोड़ों गरीब परिवारों को एलपीजी मिली. गैस सब्सिडी के लिए मैंने जनता पर भरोसा किया. जनता पर भरोसा करने के अच्छे परिणाम मिलते हैं. पहले सिलेंडर कितना मिले यह चुनावी मुद्दा होता था.

First published: 24 April 2016, 14:35 IST
 
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